अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग हुई. यहां भारत की तरह ज्यादातर जगहों पर EVM से वोट नहीं डाले जाते, बल्कि मतदाता बैलेट पेपर पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने निशान लगाते हैं. इसके बावजूद लाखों वोटों के नतीजे कुछ ही घंटों में आने लगते हैं. अमेरिका में 100 मिलियन यानी 10 करोड़ से ज्यादा वोट पड़ने का अनुमान है. सवाल है कि जब वोट कागज पर डाले जाते हैं, तो उनकी गिनती इतनी जल्दी कैसे हो जाती है? इसकी सबसे बड़ी वजह है कि अमेरिका में वोट बैलेट पेपर पर पड़ते हैं, लेकिन उनकी गिनती मशीनों से होती है.
बैलेट पेपर को स्कैन करती हैं मशीनें
अमेरिका में मतदाता बैलेट पेपर पर उम्मीदवार के नाम के सामने बने बॉक्स में निशान लगाते हैं. इसके बाद बैलेट पेपर को स्कैनर मशीन में डाला जाता है. मशीन निशान को पढ़कर वोट अपने आप उम्मीदवार के खाते में जोड़ देती है. बड़े केंद्रों पर मशीनें एक घंटे में हजारों बैलेट पेपर गिन सकती हैं. इस तरह अधिकारियों को हर वोट हाथ से गिनने की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, मूल बैलेट पेपर सुरक्षित रखे जाते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा जांच की जा सके.
चुनाव से पहले ही शुरू हो जाती है तैयारी
अमेरिका में वोटों की गिनती जल्दी शुरू होने की एक बड़ी वजह पहले से की गई तैयारी भी है. वहां कई राज्यों में लोग चुनाव के दिन से पहले ही वोट डाल सकते हैं. इसके लिए वे तय मतदान केंद्रों पर जाते हैं या डाक से अपना बैलेट पेपर भेजते हैं. चुनाव से पहले ही अधिकारियों को इन बैलेट पेपर की जांच करने, मतदाता की जानकारी और हस्ताक्षर मिलाने और उन्हें स्कैनिंग के लिए तैयार करने का समय मिल जाता है. कुछ राज्यों में बैलेट पेपर की स्कैनिंग भी पहले शुरू हो जाती है.
हजारों केंद्रों पर एक साथ होती है गिनती
अमेरिका में पूरे देश के वोटों की गिनती एक ही जगह नहीं होती. वहां 10 हजार से ज्यादा स्थानीय इलाकों में चुनावी प्रक्रिया चलती है. हर इलाके में अलग-अलग टीमें मशीनों की मदद से वोट गिनती हैं. इसके बाद आंकड़े स्थानीय चुनाव अधिकारियों को भेजे जाते हैं. फिर इन आंकड़ों को जोड़कर नतीजे जारी किए जाते हैं.
सभी वोट गिने जाने से पहले कैसे घोषित होता है विजेता?
अमेरिका में कई बार मीडिया संस्थान सभी वोटों की गिनती पूरी होने से पहले ही किसी उम्मीदवार को विजेता बता देते हैं. इसके लिए वे देखते हैं कि किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले हैं और कितने वोटों की गिनती अभी बाकी है. उदाहरण के लिए, अगर कोई उम्मीदवार 1 लाख वोटों से आगे है और सिर्फ 20 हजार वोट गिने जाने बाकी हैं, तो पीछे चल रहे उम्मीदवार के जीतने की संभावना नहीं रहती. ऐसे में मीडिया उसे विजेता घोषित कर सकता है. लेकिन यह आधिकारिक नतीजा नहीं होता. यह केवल शुरुआती आंकड़ों के आधार पर किया गया अनुमान होता है.
चुनाव अधिकारियों को सभी वोटों की गिनती पूरी करनी होती है. इसके बाद आंकड़ों की जांच और पुष्टि की जाती है. यह प्रक्रिया कुछ दिनों या कई बार हफ्तों तक चल सकती है. यानी अमेरिका में वोट कागज पर डाले जाते हैं, लेकिन मशीनें उनकी गिनती करती हैं. पहले से होने वाली तैयारी और हजारों केंद्रों पर एक साथ गिनती के कारण शुरुआती नतीजे कुछ घंटों में आने लगते हैं. हालांकि, अंतिम और आधिकारिक नतीजों में समय लग सकता है.
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