हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

कौन हैं अखिलेश यादव को झटका देने वाले 3 विधायक राकेश प्रताप, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी, BJP के सामने क्या होंगी चुनौतियां?

उत्तर प्रदेश की सियासत के लिए बड़ी खबर, सपा के 3 बागी विधायक आज अमेठी में BJP का दामन थामेंगे. 2024 के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद से ही इन तीनों नेताओं के BJP में जाने की अटकलें थीं. जानें कौन हैं राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी और क्यों इनका पाला बदलना सपा के लिए भारी पड़ सकता है और BJP के सामने क्या चुनौतियां पैदा हो सकती हैं.

विज्ञापन
जानें कौन हैं राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी और क्यों इनका पाला बदलना सपा के लिए भारी. CREDIT: FACEBOOK (Abhay Singh /Rakesh Pratap Singh /Vinod Chaturvedi )

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बेहद हलचल भरा रहने वाला है. समाजवादी पार्टी के तीन चर्चित बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी अमेठी के गौरीगंज में आज होने वाले कार्यक्रम में औपचारिक रूप से BJP में शामिल हो रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और BJP के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी समारोह में शामिल होंगे. सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने 2022 के चुनाव में BJP और उसके सहयोगी दलों के दिग्गजों को हराया था. अब इन तीनों के BJP में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं. सपा से आए इन विधायकों को 2027 में टिकट देना और अपने पुराने वफादार नेताओं को साधे रखना यही BJP के सामने सबसे बड़ा सिरदर्द होगा.

यह भी पढ़ें : यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव से मिले BJP के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, क्या थामने वाले हैं SP का दामन?

कौन हैं गौरीगंज से तीन बार के विधायक राकेश प्रताप सिंह?

राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज सीट से लगातार तीन बार (2012, 2017 और 2022) सपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं. क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. राज्यसभा चुनाव में बगावत के बाद उन्होंने सपा के पीडीए (PDA) फॉर्मूले और परिवारवाद पर तीखे सवाल उठाए थे. उनका BJP में जाना अमेठी और आसपास के इलाके में सपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.

विज्ञापन

2022 में राकेश प्रताप सिंह ने BJP के कद्दावर ब्राह्मण नेता चंद्र प्रकाश मिश्र ‘मटियारी’ को करीब 6,963 वोटों से हराया था.

BJP के सामने चुनौती: मटियारी अमेठी में बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं और पूर्व सांसद स्मृति ईरानी की कोर टीम का हिस्सा रहे हैं. राकेश के आने के बाद मटियारी पहले ही साफ कर चुके हैं कि पार्टी में आने से टिकट की गारंटी नहीं मिलती. 2027 में सीट पर ‘ब्राह्मण बनाम ठाकुर’ समीकरण साधना और स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी रोकना BJP के लिए बड़ी चुनौती होगी.

विज्ञापन

अभय सिंह पूर्वांचल और अवध के कद्दावर नेता

अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह पूर्वांचल और अवध के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं. 2022 में उन्होंने सपा के सिंबल पर जीत दर्ज की थी. अभय सिंह का स्थानीय नेटवर्क और युवाओं के बीच असर काफी मजबूत माना जाता है. अयोध्या और आसपास के जिलों में BJP लंबे समय से सामाजिक व सियासी संतुलन साधने में जुटी है, ऐसे में अभय सिंह की एंट्री भगवा पार्टी को जमीनी बढ़त दिला सकती है.

2022 में अभय सिंह ने BJP प्रत्याशी आरती तिवारी को 13 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी. आरती तिवारी पूर्व बाहुबली विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ ‘खब्बू तिवारी’ की पत्नी हैं.
BJP के सामने चुनौती: अयोध्या की राजनीति में अभय सिंह और खब्बू तिवारी की लड़ाई सिर्फ दो नेताओं की नहीं, बल्कि इलाके में ‘ठाकुर बनाम ब्राह्मण’ के वर्चस्व की रही है. अभय सिंह के BJP में आने से खब्बू तिवारी खेमा खुद को असहज महसूस कर सकता है. ऐसे में दोनों धुर-विरोधियों को एक मंच पर साथ लेकर चलना संगठन के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा.

विज्ञापन

जालौन में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी रहे विनोद चतुर्वेदी

बुंदेलखंड के जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी पेशे से वकील हैं और लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति कर चुके हैं. वह जालौन में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी रहे और 2007 में पहली बार विधायक बने. 2021 में उन्होंने सपा का दामन थामा और 2022 के चुनाव में जीत हासिल की. बुंदेलखंड में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है, जिससे BJP को इस अंचल में लाभ मिलने की उम्मीद है.
विनोद चतुर्वेदी ने BJP गठबंधन (निषाद पार्टी) के प्रत्याशी छोटे सिंह को महज 2,816 वोटों के अंतर से हराया था.

BJP के सामने चुनौती: कालपी सीट पर लंबे समय से क्षत्रिय राजनीति का दबदबा रहा है. 2017 में यहां BJP के नरेंद्र पाल सिंह जीते थे, जबकि 2022 में यह सीट गठबंधन में गई. ब्राह्मण चेहरे विनोद चतुर्वेदी की एंट्री से BJP को सहयोगी निषाद पार्टी के कैडर और अपने मूल क्षत्रिय वोट बैंक के बीच संतुलन बिठाना होगा.

विज्ञापन

इन तीनों विधायकों के BJP में आने से अवध से लेकर बुंदेलखंड तक सियासी समीकरण बदल सकते हैं.

यह भी पढ़ें : यूपी में 10 राज्यसभा सांसद निर्वाचित, BJP के 8 और सपा के 2 MP निर्विरोध जीते; भाजपा में जश्न का माहौल

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola