Explainer: आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बहुत बड़ा महत्व है। इस फील्ड में Nvidia नाम की कंपनी सबसे आगे है। यह कंपनी दुनिया के सबसे ताकतवर AI चिप्स बनाती है। लेकिन अमेरिका ने नई एक्सपोर्ट पाबंदियां लगा दी हैं, जिससे Nvidia को चीन के मार्केट में मुश्किल हो रही है। अब Nvidia एक नया और सस्ता AI चिप बना रही है खासतौर पर चीन के लिए। इससे वह फिर से चीन की मार्केट में अच्छी जगह बना सकेगी। यह कदम टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है।
Nvidia बना रहा चीन के लिए नया AI चिप
Nvidia कंपनी चीन के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप लॉन्च करने जा रही है। यह नया चिप कंपनी के पुराने मॉडल H20 की तुलना में सस्ता होगा। अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों के कारण H20 चिप को चीन में बेचना मुश्किल हो गया है। अब Nvidia एक नया GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) बना रही है, जो ‘ब्लैकवेल आर्किटेक्चर’ (Blackwell architecture) पर आधारित होगा। इस चिप की कीमत 6,500 से 8,000 अमेरिकी डॉलर के बीच होने की उम्मीद है, जबकि H20 की कीमत 10,000 से 12,000 डॉलर थी। कंपनी जून से इसका बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू कर सकती है।
क्या है ब्लैकवेल टेक्नोलॉजी?
NVIDIA की ब्लैकवेल टेक्नोलॉजी एक नई तरह की कंप्यूटर चिप (GPU) है, जो खासतौर पर बहुत तेज और ताकतवर कंप्यूटर कामों के लिए बनाई गई है। यह पुराने मॉडल्स हॉपपर और अदा लोवलेज से बेहतर है। इसका नाम एक मशहूर मैथमटिशन डेविड ब्लैकवेल के नाम पर रखा गया है। यह ब्लैकवेल चिप खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यानी कम्प्यूटर को सोचने और समझने में मदद करने वाली टेक्नोलॉजी के लिए है। इससे बड़े-बड़े AI मॉडल्स जल्दी और कम बिजली खर्च करके काम कर सकते हैं। Nvidia का कहना है कि यह पुरानी टेक्नोलॉजी से 25 गुना कम खर्च और एनर्जी में काम करती है। ब्लैकवेल टेक्नोलॉजी से कई काम जैसे डेटा का तेजी से एनालाइज, इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर डिजाइनिंग आसान और बेहतर होंगे। इस नई टेक्नोलॉजी की मदद से आने वाले समय में AI और कंप्यूटर की दुनिया में बहुत बड़े बदलाव आएंगे, जिससे हमारा जीवन और काम करने का तरीका और भी बेहतर होगा।
नए चिप और पुरारे चिप में कौन ज्यादा पावरफुल?
नया चिप पहले की तुलना में तकनीकी रूप से थोड़ा कमजोर होगा और इसे बनाना आसान होगा। यह Nvidia के RTX Pro 6000D मॉडल पर आधारित होगा और इसमें GDDR7 नाम की साधारण मेमोरी का इस्तेमाल होगा, न कि हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) का। इसके अलावा, इसमें ताइवानी कंपनी TSMC की हाई क्वालिटी चिप पैकेजिंग टेक्नोलॉजी CoWoS की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे लागत भी कम होगी। इस नए डिजाइन से Nvidia को अमेरिकी सरकार की निर्यात सीमा के भीतर रहते हुए चीन में अपनी पकड़ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
Nvidia का मुकाबला होगा अब चीन की कंपनी से
चीन Nvidia के लिए एक बहुत बड़ा बाजार है, जहां से कंपनी को पिछले वित्तीय वर्ष में 13% बिक्री हुई थी। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अब कंपनी का बाजार हिस्सा 95% से गिरकर 50% तक आ गया है। Nvidia का मुख्य मुकाबला अब चीन की अपनी कंपनी Huawei से है, जो Ascend 910B नाम का AI चिप बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Huawei की टेक्नोलॉजी आने वाले एक-दो सालों में Nvidia के कमजोर चिप्स के बराबर पहुंच सकती है। हालांकि Nvidia के CUDA सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की वजह से अभी भी बहुत से डेवलपर कंपनी के साथ बने हुए हैं।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
Nvidia एक और नया ब्लैकवेल चिप डिजाइन कर रही है, जिसे सितंबर से प्रोडक्शन में लाया जा सकता है। हालांकि इसके स्पेसिफिकेशन अभी सामने नहीं आए हैं। पुराना H20 चिप अब अमेरिका के नए नियमों के तहत और संशोधित नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसमें इस्तेमाल हो रही टेक्नोलॉजी अब प्रतिबंधों के दायरे में आ गई है। नए नियमों के अनुसार, किसी भी GPU की मेमोरी बैंडविड्थ 1.7 से 1.8 टेराबाइट प्रति सेकंड से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, जबकि H20 की बैंडविड्थ 4 टेराबाइट प्रति सेकंड थी। नया चिप GDDR7 टेक्नोलॉजी के साथ करीब 1.7 टेराबाइट प्रति सेकंड की स्पीड देगा, जो नए नियमों के अनुरूप है। इससे Nvidia को कुछ हद तक चीन में वापसी की उम्मीद है।