वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिका में उन पर मुकदमे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी. लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही एक गहरा विवाद भी खड़ा हो गया है. विपक्षी नेता इसे डोनाल्ड ट्रंप का ‘दोहरा मापदंड’ और ‘पाखंड’ बता रहे हैं. इस विवाद की जड़ में है होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज की कहानी. हर्नांडेज और मादुरो, दोनों पर एक ही जैसे आरोप लगाए गए. हर्नांडेज को 400 टन कोकीन की तस्करी और ड्रग तस्कर से रिश्वत लेने के आरोप में 45 साल की सजा हुई थी. लेकिन ट्रंप ने उन्हें माफ कर दिया. अब विरोधाभास यह है कि जिस ड्रग तस्करी के अपराध के लिए ट्रंप ने हर्नांडेज को ‘बेगुनाह’ मानकर रिहा किया, उसी अपराध के लिए मादुरो को आधी रात को उनके घर से उठाकर न्यूयॉर्क लाया गया है.
क्या है जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज और मादुरो की कहानी…
डोनाल्ड ट्रंप ने हालही हर्नांडेज को राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार बताते हुए माफी दे दी थी. उस समय, ट्रंप ने कहा था कि हर्नांडेज के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया था. डोनाल्ड ट्रंप से जब एक ही मामले में दो तरह के व्यवहार के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘जिस आदमी को मैंने माफ किया, उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया गया जैसा बाइडेन प्रशासन ने ट्रंप नाम के व्यक्ति के साथ किया था. यह एक ऐसा व्यक्ति था जिसे बहुत अन्यायपूर्ण तरीके से सताया गया था. वह देश का प्रमुख था.’
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ट्रंप ने बार-बार तर्क दिया कि हर्नांडेज को उनके राष्ट्रपति पद की वजह से निशाना बनाया गया था और दावा किया कि यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित था.
विपक्ष ने बताया पाखंड
ट्रंप की दोहरे मापदंड वाली नीति की आलोचना करते हुए हाउस की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे डोनाल्ड ट्रंप का पाखंड बताया. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो पर अमेरिकी कोर्ट में ग तस्करी का मुकदमा चलाया जाएगा, लेकिन हर्नांडेज को उसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था और ट्रंप ने उन्हें माफ कर दिया.
कैसे गिरफ्तार हुए थे हर्नांडेज
हर्नांडेज को साल 2022 में पद छोड़ने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था. फिर ड्रग तस्करी और हथियारों के आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया. उन पर सियासी गतिविधियों के लिए ड्रग लॉर्ड जोकिन ‘एल चापो’ गुजमैन से 1 मिलियन डॉलर की रिश्वत लेने का आरोप लगा था. आरोप हैं कि इसके बदले हर्नांडेज ने होंडुरास के जरिए कोकीन की तस्करी करवाई. उनके खिलाफ आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने 18 साल के ड्रग-तस्करी नेटवर्क में अहम भूमिका निभाई. इनकी वजह से अमेरिका में 400 टन से ज्यादा कोकीन पहुंची.
साथ ही कहा कि हर्नांडेज ने मशीन गन और ग्रेनेड लॉन्चर से लैस तस्करों को खुलेआम काम करने दिया. इसके बदले उन्हें सियासी गतिविधियों के लिए लाखों डॉलर की रिश्वत मिली. होंडुरास नेशनल पुलिस समेत कई सरकारी संस्थानों पर भी ऐसे ही आरोप लगे थे. इसके साथ ही कहा गया कि हर्नांडेज ने होंडुरास को ‘नार्को-स्टेट’ में बदल दिया. हालांकि, हर्नांडेज ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि वह राजनीतिक उत्पीड़न के शिकार हैं.
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हर्नांडेज ने ट्रंप को कैसे किया खुश?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर्नांडेज ने अक्टूबर में ट्रंप को चार पन्नों का पत्र लिखा था. उन्होंने पत्र में ट्रंप की खूब तारीफ की थी. साथ ही ‘न्याय के हित में’ उनके मामले का रिव्यू करने की अपील की थी. साथ ही यह भी बताया गया कि ट्रंप के पुराने सलाहकार रोजर स्टोन ने राष्ट्रपति से कहा था कि अगर माफ कर दिया जाता है, तो होंडुरास की नेशनल पार्टी को चुनाव से पहले बूस्ट मिल सकता है. माफी इतनी अचानक दी गई थी कि इस फैसले से ट्रंप के कुछ करीबी लोग भी हैरान हो गए थे.
ट्रंप ने बाद में कहा कि उनका मानना है कि यह मुकदमा ‘बाइडेन की साजिश’ थी. ट्रंप ने मीडिया से कहा कि हर्नांडेज के देश में कुछ ड्रग्स बिक रही थी, क्योंकि वह राष्ट्रपति थे, इसलिए वे उनके पीछे पड़ गए… यह बाइडेन की भयानक साजिश थी.
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मादुरो पर क्या हैं आरोप?
शनिवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हमला कर अमेरिकी सैनिकों ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोर्स को पकड़ लिया. ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाकर अमेरिकी सैनिक उन्हें न्यूयार्क लेकर चले गए. अब उन पर नार्को-टेररिज्म समेत कई मामलों में मुकदमा चलेगा.
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