PM Narendra Modi And Ram Mandir's Design : अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवर्तनकारी दृष्टिकोण दिया था। रामायण के मुख्य कैरेक्टर्स की पहचान करते हुए मंदिर की समावेशी डिजाइन का काम उन्हीं की देख-रेख में हुआ है। बीरीकियों पर ध्यान देने की प्रधानमंत्री की आदत ने मंदिर के सौंदर्य को भी बढ़ाया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह पीएम मोदी का ही आइडिया था कि भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर सूर्य की किरणें बनाई जाएं क्योंकि वह सूर्यवंशी कुल से थे। इस प्रतिमा का अनावरण इस साल रामनवमी के मौके पर किया जाएगा। मंदिर परिसर के अंदर ही 'सप्त मंडपम' है जो वाल्मीकि, शबरी, अहिल्या, निषादराज और अगस्त्य मुनि को समर्पित हैं।
जानकारी के मुताबिक जून 2021 में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से जंग के दौरान उन्होंने एजेंसियों को अयोध्या की सीमा का आधुनिकीकरण करने, ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने, अयोध्या रेलवे स्टेशन को अपग्रेड करने और सरयू नदी में क्रूज को लेकर प्रोजेक्ट्स को इंटीग्रेट करने का निर्देश दे दिया था।
अयोध्या-कोरिया संबंध को पहचाना
बताया जाता है कि मंदिर ट्रस्ट के साथ एक बैठक में प्रधानमंत्री आस्था आधारित यात्राओं से ऊपर उठने का अनुरोध भी कर चुके हैं। उन्होंने अयोध्या के आकर्षणों को देखने के लिए यात्रियों को कई दिन का अनुभव दिए जाने की योजना की वकालत की है। कोरिया के साथ अयोध्या के ऐतिहासिक संबंध को देखते हुए पीएम ने सुझाव दिया कि इस संबंध को हाइलाइट करते हुए और मजबूत किया जाए।
मंदिर की मजबूती पर था पूरा ध्यान
रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी का जोर इस बात पर था कि मंदिर इतना मजबूत हो कि कम से कम 1000 साल तक इसे कोई नुकसान न पहुंचे। इससे मंदिर निर्माण समिति को नए आइडिया लाने की ललक जगी। इसके साथ ही पूरे अयोध्या शहर के ट्रांसफॉरमेशन की यात्रा के साथ-साथ इस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण की प्रधानमंत्री मोदी नियमित तौर पर समीक्षा करते रहते थे।