बिहार के लखीसराय में सावन की तीसरी सोमवारी पर हुए हादसे ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच कथित तौर पर बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ मच गई. इस दौरान सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने मौतों की पुष्टि की है, हादसे के बाद मंदिर परिसर से लेकर अस्पताल तक अफरा-तफरी का माहौल है.
प्रशासन कब लेगा ऐसे हादसों से सीख?
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 6 बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी. इसी दौरान बांस-बल्लियों से बनाई गई बैरिकेडिंग पर दबाव बढ़ा और वह टूट गई. इससे कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े. जिला प्रशासन और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में तत्काल जुट गए. इससे पहले भी हादसे के कई मामले सामने आए हैं, जिसने ऐसे मौकों पर लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है. प्रशासन कब इन घटनाक्रमों से सीख लेगा, ये तो कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन आप कुछ बातों का ध्यान रखकर ऐसे हादसों में भी खुद को जिंदा बचा सकते हैं.
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भगदड़ में फंस जाएं तो क्या करें?
भगदड़ के दौरान सबसे बड़ा खतरा जमीन पर गिरने और कुचले जाने का होता है, इसलिए भीड़ में अपना संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है. अगर पैर फिसल जाए और आप गिर जाएं तो पेट के बल सीधे लेटने के बजाय करवट लेकर शरीर को सिकोड़ने की कोशिश करें और सिर-गर्दन को हाथों से ढक लें. इससे शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर सीधे चोट लगने का खतरा कम हो सकता है. आसपास के लोगों से उठाने की कोशिश करने के बजाय मौका मिलते ही भीड़ के दबाव से बाहर निकलना सबसे जरूरी कदम होना चाहिए.
भीड़भाड़ वाले इलाकों में रखें इस बात का ध्यान
अगर किसी जगह भीड़ असामान्य रूप से ज्यादा दिखाई दे रही है तो बीच में जाने की बजाय किनारे रहने की कोशिश करें और दीवार, बैरिकेड या किसी मजबूत ढांचे के बिल्कुल पास दबकर खड़े होने से भी बचें, क्योंकि दबाव बढ़ने पर वहां निकलने की जगह कम हो सकती है. अगर आप भीड़ के प्रवाह में फंस गए हैं तो अचानक उल्टी दिशा में जाने की कोशिश न करें. इससे दूसरे लोगों से टकराने और गिरने का खतरा बढ़ सकता है. पैरों को थोड़ा फैलाकर रखें और छोटे कदमों के साथ आगे बढ़ें, ताकि संतुलन बना रहे. धक्का-मुक्की की स्थिति में हाथों को छाती के सामने रखकर कुछ जगह बनाए रखने की कोशिश करें.
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