Case Against Khan Sir: बिहार की राजधानी पटना के चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें अब कानूनी पचड़े में फंसने के बाद और ज्यादा बढ़ती दिख रही हैं. कदमकुआं थाने में पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है. कोचिंग संस्थान के बाहर हुए इस हाई-प्रोफाइल विवाद और फायरिंग मामले में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि खान सर पर लगे ये आरोप अदालत में सच साबित होते हैं, तो उन्हें कितने साल की सजा भुगतनी पड़ सकती है.

वीडियो सामने आने के बाद कसता गया शिकंजा

इस पूरे विवाद की शुरुआत मंगलवार रात को हुई थी, जब खान सर के 'खान ग्लोबल स्टडीज' (KGS) संस्थान के बाहर कुछ लोगों ने हंगामा और मारपीट की थी. शुरुआत में खान सर की शिकायत पर 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मामले ने तब यू-टर्न ले लिया जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें खान सर के सुरक्षा गार्ड सरेआम राइफल से फायरिंग करते दिखे. पुलिस की पूछताछ में गार्ड्स ने कुबूल किया कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद पुलिस ने दोनों गार्ड्स को जेल भेजकर खान सर को मुख्य आरोपी बना दिया.

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दोषी पाए जाने पर कितनी होगी सजा?

कानूनी विशेषज्ञों और नए नियमों के मुताबिक, खान सर पर लगी धाराएं बेहद गंभीर और गैर-जमानती हैं:

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  • हत्या की कोशिश (BNS): भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अगर किसी व्यक्ति पर यह साबित हो जाता है कि उसने किसी की जान लेने की नीयत से हमला करवाया या उकसाया, तो अदालत उसे अधिकतम 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने की सजा सुना सकती है. अगर इस घटना में किसी को गंभीर चोट आई हो तो यह सजा उम्रकैद (आजीवन कारावास) में भी बदल सकती है.
  • आर्म्स एक्ट (Arms Act): बिना किसी ठोस कानूनी वजह या बिना वैध आदेश के भीड़भाड़ वाले इलाके में हथियार का इस्तेमाल करने या अवैध रूप से फायरिंग को बढ़ावा देने का आरोप साबित होने पर 3 से 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है.

क्या तुरंत होगी गिरफ्तारी?

फिलहाल पटना पुलिस की विशेष टीम इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और सबूत जुटा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ एफआईआर दर्ज होने से कोई दोषी नहीं हो जाता. कोर्ट में पेश होने वाली फोरेंसिक रिपोर्ट, चश्मदीदों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही यह तय होगा कि खान सर को जेल होगी या बड़ी राहत मिलेगी. फिलहाल, पुलिस किसी भी वक्त उनसे पूछताछ या गिरफ्तारी की तैयारी में है.

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'हम पर हमला हुआ, क्या आरती की थाली लेकर खड़े रहते?

बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग के मामले में घिरे मशहूर शिक्षक खान सर ने पहली बार कैमरे के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है. अपने क्लासरूम में छात्रों को संबोधित करते हुए खान सर ने साफ तौर पर माना कि उनके बॉडीगार्ड की तरफ से फायरिंग की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) में उठाया गया कदम बताया. भावुक और आक्रामक अंदाज में खान सर ने कहा कि कुछ लोग साजिश रच रहे हैं और वे चाहते हैं कि खान सर के फोटो के ऊपर माला चढ़ जाए.

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'5 मिनट में उड़कर नहीं आ सकती पुलिस'

खान सर ने पुलिस के देर से पहुंचने के सवाल पर कहा, "रात में जब हमला हुआ, तो पुलिस को आने में समय लगता है. 5 मिनट में कहीं भी पुलिस नहीं पहुंच जाती है. हमें भी अच्छी तरह पता है कि पुलिस कोई उड़कर नहीं आ जाएगी." उन्होंने आगे कहा कि जब तक पुलिस मौके पर नहीं आई थी, तब तक एक बॉडीगार्ड को क्या करना चाहिए था? गार्ड लोग इसीलिए रखते हैं ताकि वक्त पड़ने पर जान बचाई जा सके.

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'हमलावरों पर क्या आरती की थाली लेकर खड़े रहते?'

विरोधियों और हमलावरों पर तीखा हमला बोलते हुए खान सर ने कहा, "मेरे घर और कोचिंग पर रात में कुछ लोग आए. उन्होंने मेरे गार्ड को मार-मारकर अधमरा कर दिया. तो क्या उस समय हम लोग उन हमलावरों पर फूल फेंकते? क्या हम आरती की थाली लेकर खड़े रहते कि आइए और मुझे भी मार दीजिए?"

गार्ड ने चोरों की तरह फायरिंग नहीं की

खान सर ने अपने बॉडीगार्ड का बचाव करते हुए सवाल उठाया कि क्या उनके गार्ड ने किसी आम आदमी पर गोली चलाई है? क्या चोरों की तरह छिपकर फायरिंग की गई है? एक बॉडीगार्ड का काम ही अपनी और अपने संस्थान की आत्मरक्षा करना होता है और उसने वही किया. फिलहाल, इस बयान के बाद पटना में सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.