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Explainer: छत्तीसगढ़ में क्यों हारी कांग्रेस? भाजपा के किन दावों ने दिलाई जीत या 'महादेव' की हुई कृपा, पांच प्वाइंट में जानें

Chhattisgarh Assembly Election Result 2023: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बीच महादेव सट्‌टेबाजी ऐप के मामले से भी कांग्रेस को नुकसान हुआ है, क्योंकि महादेव सट्‌टेबाजी ऐप का मामला पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में है।

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Chhattisgarh Assembly Election Result 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, वैसे ही प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी यह भी स्पष्ट होता जा रहा है। वहीं, शुरुआती रुझान कांग्रेस के पक्ष में आने के बाद भाजपा अब बहुमत हासिल करती दिख रही है। ताजा रुझानों के मुताबिक, बीजेपी 54 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस को 36 सीटों पर बढ़त हासिल है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार के क्या कारण रहे आइए जानते हैं।

भाजपा का किसानों को लुभाना

गौरतलब है कि 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में बीजेपी को हरा दिया था। वहीं, धान किसानों के बीच नाखुशी को हार का एक प्रमुख कारण माना गया, जिसकी वजह से भाजपा सिर्फ 15 सीटों पर ही सिमट गई थी। लेकिन 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जहां सरकारी भ्रष्टाचार पर ध्यान केंद्रित किया है, वहीं वह किसानों तक भी पहुंची है।

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इस चुनावी घोषणापत्र में भाजपा ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल (21 क्विंटल प्रति एकड़) पर धान खरीदने की कसम खाई थी, जो कि कांग्रेस सरकार से 500 रुपये अधिक है। वहीं, भाजपा ने 25 दिसंबर तक बकाया धान खरीद बोनस 300 रुपये प्रति क्विंटल को पूरा करने की कसम खाई है और ये वादा भाजपा के लिए काम करता दिख रहा है।

भ्रष्टाचार के आरोप, सत्ता विरोधी लहर

बीजेपी ने राज्य में अपने चुनाव प्रचार के दौरान घोटालों, भ्रष्टाचार और महादेव ऐप से संबंधित ‘हवाला मनी फंडिंग’ को लेकर भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा, उसका फायदा भाजपा को मिलता दिखाई दे रहा है।

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महादेव सट्‌टेबाजी ऐप मामला

वहीं, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बीच महादेव सट्‌टेबाजी ऐप के मामले से भी कांग्रेस को नुकसान हुआ है, क्योंकि महादेव सट्‌टेबाजी ऐप का मामला पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में है और इस मामले में सीएम बघेल का नाम भी सामने आया। वहीं, इस मामले में भूपेश बघेल का नाम आने पर बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में अपनी रैलियों के दौरान भी महादेव बेटिंग ऐप का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल को जमकर निशाने पर लिया। इस मामले ने चुनाव के आखिरी समय पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया।

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ED की छापेमारी

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई मामलों को लेकर प्रदेश में लगातार छापेमारी की। वहीं, ईडी की छापेमारी के चलते जनता में ये संदेश गया कि राज्य में भारी भ्रष्टाचार का माहौल है और कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इसकी वजह से प्रदेश की जनता के बीच बघेल सरकार की छवि खराब हो गई और इससे कांग्रेस को नुकसान हुआ है।

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पीएम मोदी की गारंटी

वहीं, जिस तरह से मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा भारी बहुमत की ओर बढ़ रही है, यह स्पष्ट है कि लोगों ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया है। वहीं, इस लेकर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि मोदी जादू असली जादू है और हर दूसरा जादूगर विफल हो गया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि लोगों ने तीन राज्यों में भाजपा को आशीर्वाद दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन किया है और कांग्रेस के झूठे वादों को खारिज कर दिया है।

बता दें कि प्रदेश में दो चरणों मतदान हुआ था। पहले चरण में 7 नवंबर को 20 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था, जिसमें 223 उम्मीदवार मैदान में थे। वहीं, दूसरे चरण में 17 नवंबर को 70 निर्वाचन क्षेत्रों में हुआ था, जिसमें 958 प्रत्याशी मैदान में थे। दोनों चरणों में संयुक्त रूप से 76.31 प्रतिशत मतदान हुआ।

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