सोने में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी. पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में यह गिरावट और बढ़ सकती है. कुछ विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमत सीधे 10 ग्राम के लिए 1.27 लाख रुपये तक गिर सकती है. वर्तमान में सोने की कीमत 1,51,910 रुपये है. इसका मतलब है कि सोने की कीमत में 25 हजार रुपये की और गिरावट आने की संभावना है.
विशेषज्ञों की मानी जाए तो सोने की कीमतों में गिरावट का पूर्वानुमान है, क्योंकि जंग के बीच सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही हैं और आने वाले दिनों में इनके घटकर 1.27 लाख रुपये तक पहुंचने की आशंका है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मुद्रास्फीति की आशंकाओं के कारण सोने पर दबाव बना हुआ है.

सोने की कीमत पर पड़ रहा जंग का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने का सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ रहा है. जंग की शुरुआत में सोने की कीमत लगभग 1.60 लाख रुपये थी, लेकिन हाल ही में एमसीएक्स पर यह 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई. विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ रही है, बढ़ती मुद्रास्फीति और ब्याज दरों का दबाव भी इस पर पड़ रहा है.

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डॉलर मजबूत हुआ तो सोना सस्ता होगा

एसएस वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा के अनुसार, जंग के कारण दुनिया में तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है. इससे मुद्रास्फीति बढ़ने का डर है. मुद्रास्फीति बढ़ने पर केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, जिसका सीधा असर सोने पर पड़ता है. अगर अमेरिका में महंगाई बेकाबू हुई तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है. ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय डॉलर में निवेश करेंगे. डॉलर मजबूत हुआ तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है.

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मांग कम होने पर सस्ता होता है सोना

इसके अलावा, जब सोने की कीमतें 1.50 लाख रुपये से ऊपर जाती हैं तो कई निवेशक मुनाफा कमाने के लिए बड़ी मात्रा में सोना बेच देते हैं. इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ जाती है और कीमतें गिरने लगती हैं. चूंकि भारत और चीन दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदार देश हैं, इसलिए कीमतें बढ़ने पर मांग कम हो जाती है और इसका असर भी कीमतों पर पड़ता है. साथ ही, निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

सेबी में पंजीकृत विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार, जंग के बावजूद सोने की कीमतें स्थिर हैं, क्योंकि बाजार भविष्य में मुद्रास्फीति को लेकर चिंतित है. परिणामस्वरूप, केंद्रीय बैंक ब्याज दरों बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं. एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, सोने की मौजूदा प्रवृत्ति कमजोर है और कीमतें 1.40 लाख रुपये से 1.47 लाख रुपये के बीच रह सकती हैं. हालांकि, दबाव जारी रहा है तो कीमतें गिरकर 1.35 लाख रुपये और फिर 1.27 लाख रुपये तक पहुंच सकती हैं.