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रहमान vs रहमान : बांग्लादेश में वोटिंग खत्म होने के बाद क्या होता है, जानिए कैसे होती है वोटों की गिनती?

300 सीटों के लिए 64 जिलों में 42,761 पोलिंग सेंटरों पर वोट डाले गए. मतदान के दौरान की जगहों पर हिंसा और झड़प भी देखने को मिली.

बांग्लादेश में 12,77,11,793 वोटर्स ने गुरुवार को अगली सरकार के लिए वोटिंग की. 300 सीटों के लिए 64 जिलों में 42,761 पोलिंग सेंटरों पर वोट डाले गए. मतदान के दौरान की जगहों पर हिंसा और झड़प भी देखने को मिली. बांग्लादेश में पहली बार पोस्टल वोटिंग होगी, जिससे करीब 1.5 करोड़ प्रवासी श्रमिकों को फायदा हुआ. शेख हसीना की सरकार के तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश में पहली बार आम चुनाव हुए हैं.

शाम 4.30 के बाद वोटिंग बंद हो गई. वोटिंग बंद होने के बाद मतों की गिनती शुरू कर दी गई है. शुक्रवार सुबह तक बांग्लादेश में हुई वोटिंग के नतीजों का ऐलान किया जाएगा. अब जानिए, कि बांग्लादेश में वोटिंग खत्म होने के बाद वोटों की गिनती कैसे की जाती है.

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ऐसे होती है गिनती

बांग्लादेश संसदीय चुनाव में वोटों की गिनती मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाती है. मतदान आमतौर पर शाम 4:30 बजे समाप्त होता है. हालांकि, जो वोटर्स समय खत्म होने से पहले मतदान केंद्र में घुस जाते हैं, उन्हें वोट डालने दिया जाता है. वोटिंग खत्म होने के बाद पीठासीन अधिकारी उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में मतपेटियों को सील कर देता है. जो इनवैलिड मतपत्रों की गणना की जाती है और उन्हें अलग रखा जाता है.

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वोटिंग सेंटर पर ही काउंटिंग

गिनती आम तौर पर मतदान केंद्र पर ही शुरू होती है. अधिकारी सबसे पहले डाले गए मतों की संख्या का मतदाता सूची से मिलान करते हैं. इसके बाद मतपेटियां खोली जाती हैं और हर मतपत्र की व्यक्तिगत रूप से जांच की जाती है. गिनती की प्रक्रिया के दौरान, मतपत्रों को उम्मीदवार-वार अलग किया जाता है. एक मतपत्र तब वैध माना जाता है, जब मुहर एक ही प्रतीक पर ठीक से लगाई गई हो. जिन मतपत्रों पर एक से अधिक प्रतीकों पर मुहर लगी हो, निशान स्पष्ट न हों, या अन्य अनियमितताएं हों, उन्हें चुनावी नियमों के अनुसार अवैध घोषित किया जा सकता है. विवादित मतपत्रों के संबंध में पीठासीन अधिकारी फैसला लेता है.

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ऐसे तैयार होते हैं नतीजे

गिनती पूरी होने के बाद, केंद्र पर एक परिणाम पत्र तैयार किया जाता है. जिसे 'स्टेटमेंट ऑफ रिजल्ट' के रूप में जाना जाता है. परिणामों की घोषणा उम्मीदवारों के एजेंटों की मौजूदगी में की जाती है. इसके बाद केंद्र-वार परिणाम 'रिटर्निंग ऑफिसर' को भेजे जाते हैं. रिटर्निंग ऑफिसर निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों के परिणामों को इकट्ठा करता है, और उस सीट के लिए अनौपचारिक परिणाम का ऐलान करता है.


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