The Traitors के पहले 3 एपिसोड में कौन-कौन हुए एलिमिनेट? जानें शक ऑफ सर्कल और मर्डर का थीम क्या

The Traitors three episode prime video: करण जौहर के रियलिटी शो The Traitors के पहले तीन एपिसोड की प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग शुरू हो गई। डच सीरीज़ De Verraders के भारतीय फार्मेट में BBC Studios India ने इसका निर्माण किया है। जानें शो का कॉन्सेप्ट, शक ऑफ सर्कल तथा मर्डर थीम के बारे में। पहले तीन एपिसोड में क्या-क्या हुआ।

The Traitors

The Traitors

विज्ञापन

The Traitors three episode prime video: राजस्थान में जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में 20 सेलेब्रिटी कंटेस्टेंट्स के साथ करण जौहर लेकर आए हैं मनोवैज्ञानिक खेल The Traitors। इस रियलिटी शो को जीतने वाले प्रतिभागी को एक करोड़ का पुरस्कार मिलेगा। 10 एपिसोड के इस रियलिटी शो के पहले तीन एपिसोड बीती रात प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो गए। शो का मूल आधार यह है कि कंटेस्टेंट्स को एक-दूसरे पर भरोसा करना पड़ता है, लेकिन आपके बीच चुने गए Traitors का काम खुद को इनोसेंट कंटेस्टेंट से बचाना है, जो राजाना रात को 12 बजे के बाद चुपके से “इनोसेंट्स” का “मर्डर” (एलिमिनेट) करते हैं। वहीं, इनोसेंट्स का लक्ष्य ट्रेटर्स को पहचानना है। यह शो कंटेस्टेंट्स की रणनीतिक सोच, झूठ बोलने की कला और एक-दूसरे की बॉडी लैंग्वेज पढ़ने की क्षमता पर आधारित है।

करण जौहर का मास्टरगेम, सिलेक्शन में ही एलिमिनेशन

करण जौहर न केवल होस्ट हैं, बल्कि वह गेम के मास्टरमाइंड भी हैं। वह ट्रेटर्स को चुनते हैं, गेम में ट्विस्ट लाते हैं और कंटेस्टेंट्स के बीच तनाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पहले एपिसोड में करण जौहर कंटेस्टेंट्स को गेम के नियम बताते हैं। वे कहते हैं, तीन ट्रेटर्स को गुप्त रूप से चुना जाएगा, जो हर रात एक इनोसेंट को “मर्डर” करेंगे। इनोसेंट्स को राउंडटेबल पर वोटिंग के ज़रिए ट्रेटर्स को बैनिश करना होगा। पहला एपिसोड कंटेस्टेंट्स के आपसी परिचय और संदेह की शुरुआत पर केंद्रित है। शो की शुरुआत 20 सेलेब्रिटीज के सूर्यगढ़ पैलेस में आने से होती है।

Advertisment

सिलेक्शन में ही एलिमिनेशन

कंटेस्टेंट्स में करण कुंद्रा, राज कुंद्रा, उर्फी जावेद, अपूर्वा मुखीजा, जन्नत ज़ुबैर, माहीप कपूर, आशीष विद्यार्थी, रफ़्तार, और अन्य शामिल हैं। शुरुआत में करण सबसे पूछते हैं कि कौन किसपर भरोसा करता है तो सभी दूसरे का नाम लेते चले गए। आखिरी में बचीं एलनाज नोरौजी, जिसका नाम किसी ने नहीं लिया। इसपर करण जौहर ने बड़ा ट्विस्ट करते हुए एलनाज नोरौजी को एलिमिनेट करते हैं। अचानक करण जौहर अपना फैसला बदलते हुए एलनाज नोरौजी को किसी एक कंटेस्टेंट का नाम चुनने की पावर देते हैं। एलनाज के चुनने पर निकिता एलिमिनेट होने वाली पहली कंटेस्टेंट बनीं। करण जौहर तीन ट्रेटर्स को चुनते हैं, लेकिन दर्शकों को छोड़कर बाकी कंटेस्टेंट्स को उनकी पहचान नहीं पता।

विज्ञापन

पहले एपिसोड में दूसरा एलिमिनेशन

पहले एपिसोड में पहला चैलेंज कंटेस्टेंट्स को एक ट्रेन पर रिडल-सॉल्विंग टास्क दिया जाता है जो प्राइज़ मनी बढ़ाने के लिए होता है। टास्क बहुत प्रभावशाली नहीं रहा, क्योंकि असली ड्रामा पैलेस में होने वाली चर्चा को लेकर है। पहले एपिसोड में कोई राउंडटेबल वोटिंग नहीं होती, लेकिन ट्रेटर्स अपनी पहली “मर्डर” की योजना बनाते हैं। पहले इनोसेंट साहिल को चुना जाता है, इसका पता अगले दिन तब चलता है, जब वह ब्रेकफास्ट पर नहीं आते।
ट्रेटर्स का पहला “मर्डर” रिवील होता है, जिससे कंटेस्टेंट्स के बीच संदेह और तनाव बढ़ जाता है। इनोसेंट्स अब एक-दूसरे पर शक करने लगते हैं।

दूसरे एपिसोड में ट्रेटर राज कुंद्रा, इनोसेंट लक्ष्मी एलिमिनेट

दूसरे एपिसोड की शुरुआत में पहली राउंडटेबल चर्चा होती है, जहां कंटेस्टेंट्स को एक ट्रेटर को बैनिश करने के लिए वोट करना होता है। यह चर्चा तीखी और भावनात्मक होती है, जिसमें कई कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। माहीप अपनी बेबाकी और मनोरंजक कमेंट्स के लिए चर्चा में रहती हैं, जबकि उर्फी अपनी गेमिंग एटिट्यूड से प्रभावित करती हैं। राज और एल्नाज़ की गतिविधियां और व्यक्तित्व दर्शकों का ध्यान खींचते हैं। राज का शांत स्वभाव कुछ कंटेस्टेंट्स को संदिग्ध लगता है। सूफी अपनी अनोखी शैली और कमेंट्स के कारण चर्चा में आते हैं। आखिरकार ट्रेटर राज कुंद्रा एलिमिनेट होते हैं।
दूसरे एपिसोड के अंत में ट्रेटर्स एक और “मर्डर” करते हैं, जिससे इनोसेंट्स में डर और संदेह और बढ़ जाता है। इस बार लक्ष्मी एलिमिनेट होती हैं।

विज्ञापन

तीसरे एपिसोड में इनोसेंट करण कुंद्रा एलिमिनेट

राउंडटेबल पर शक ऑफ सर्कल में चर्चा और तीखी होती है, जिसमें कुछ कंटेस्टेंट्स पर भारी आरोप लगते हैं। 11 कंटेस्टेंट मिलकर करण कुंद्रा को ट्रेटर समझते हुए वोट करते हैं और उनका डिसीजन गलत साबित होता है और इनोसेंट करण कुंद्रा एलिमिनेट हो जाते हैं। सभी कंटेस्टेंट को बेहद पछतावा होता है। वहीं, ट्रेटर की रणनीति कामयाब होती है। यह एपिसोड कंटेस्टेंट्स की रणनीति और उनके मनोवैज्ञानिक दबाव तीसरे एपिसोड की गति को और बढ़ाता है,क्योंकि कंटेस्टेंट्स अब पूरी तरह गेम में डूब चुके हैं। ड्रामा और रणनीति का मिश्रण दर्शकों को बांधे रखता है।

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ