'पूरी मेरी गलती थी…', करियर में देर से मिली सफलता पर छलका नीना गुप्ता का दर्द

Neena Gupta Interviews: 2018 में आई फिल्म बधाई हो में नीना के किरदार को काफी प्यार मिला, जिसके बाद अचानक उनका तेजी से बढ़ गया. उन्हें नई पहचान मिली. एक पॉडकास्ट के दौरान अपने करियर में देरी से सफलता के पीछे उन्होंने खुद को जिम्मेदार ठहराया.

Neena Gupta career,

नीना गुप्ता की फिल्में

Neena Gupta Movies: नीना गुप्ता इंडस्ट्री में काफी पुराने दौर से हैं. मगर उनको अपनी जवानी के दिनों में उतना नाम और शौहरत नहीं मिला. 2018 में जब उन्होंने बधाई हो फिल्म में प्रेग्नेंट मां का किरदार निभाया, उससे उन्हें काफी बूस्ट मिला और उनका करियर एकदम आगे बढ़ गया. नीना अक्सर अपने निजी जीवन और करियर की विषयों में बात करती रहती हैं, जिसमें एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने अपनी लेट सक्सेज के लिए खुद दोषी ठहराया. आइए जानते हैं क्यों.

विज्ञापन
विज्ञापन

इंटरव्यू में खुद ठहराया दोषी

हाल ही में ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ की करिश्मा मेहता ने नीना गुप्ता को अपने पॉडकास्ट में बुलाया. जहां पर उन्होंने कई सवाल पूंछे. उसमें से एक सवाल नीना गुप्ता लेट सक्सेस को लेकर भी था. इस पर नीना गुप्ता ने बोला कि देर सक्सेस मिलने को लेकर वो अपनी खुद की गलती को मानती हैं. उनके ऊपर कोई नहीं था, जो उन्हें रास्ता दिखा पाता और कुछ छोटी-बड़ी गलतियों के कारण उन्हें निराश होना पड़ा.

नीना गुप्ता ने कहा- ‘मैं हमेशा सोचती हूं कि मैंने ऐसा क्या गलत किया, जिसकी वजह से मुझे देरी से सफलता मिली. और मैं देखती हूं कि ज्यादातर मेरी गलती थी. लेकिन अब पुरानी बातों को देखने से क्या फायदा? आपको आगे बढ़ना पड़ता है. अब मैं उस उम्र के काम नहीं कर सकती, भरे ही मैं कम उम्र की लगूं.’

विज्ञापन

उन्होंने आगे बताया कि ‘उस समय मेरे अंदर धैर्य कम था. कई बार मैं गलत चीजों की तरफ ज्यादा थी. कई बार खुद पर विश्वास कम था. इसके अलावा मेरे पास ऐसा कोई भी नहीं था, जो मुझे सही रास्ता दिखा पाता. दूसरों को ब्लेम करने से आपके अंदर कड़वाहट आती है. इसीलिए मैं अपनी लेट सक्सेस का जिम्मेदार खुद को मानती हूं.’

विज्ञापन

देर से मिली सफलता और दर्द

2018 में ‘बधाई हो’ आई और नीना का करियर फिर से चमका. इस फिल्म ने उन्हें नई पहचान दी. उसके बाद ‘पंचायत’, ‘शुभ मंगल सावधान’ जैसे नए प्रोजेक्ट्स मिले. लेकिन सफलता के साथ दर्द भी छलका. उन्होंने कहा, “मुझे दुख होता है कि जवान उम्र में ये सब नहीं मिला. काश मेरी उम्र कम होती तो और अच्छा कर पाती.” आज नीना खुश हैं. वे कहती हैं, “भगवान का शुक्र है कि सफलता मिली, वरना बिना मिले चली जाती तो दुख होता.” उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी सफलता देर से आती है, लेकिन मेहनत और ईमानदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ