Munawar Faruqui Vote Appeal For Fans: बिग बॉस ओटीटी के तीसरे सीजन का ग्रैंड फिनाले बिल्कुल करीब आ चुका है। कल यानी 2 अगस्त को पता चल जाएगा कि शो की चमचमाती ट्रॉफी किसके हाथ में जाएगी। लवकेश कटारिया और अरमान मलिक की जर्नी शो में खत्म हो चुकी है। इसके बाद टॉप 5 कंटेस्टेंट्स की रेस में सना मकबूल, रणवीर शौरी, साई केतन राव, नैजी और कृतिका मलिक बची हैं। विनर कौन होगा यह तो ग्रैंड फिनाले पर ही पता चल सकेगा लेकिन इस बीच 'बिग बॉस 17' के विनर मुनव्वर फारूकी ने अपने फेवरेट कंटेस्टेंट का नाम जरूर बता दिया है। साथ ही अपने फैंस से वोट्स की अपील करनी भी शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कि आखिर मुनव्वर किसे बिग बॉस ओटीटी 3 की ट्रॉफी का हकदार मानते हैं?

मुनव्वर का फेवरेट कौन?

'बिग बॉस 17' के विनर मुनव्वर फारूकी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में कॉमेडियन ने अपने दो फेवरेट कंटेस्टेंट्स का नाम लिया है। उन्होंने नैजी और सना मकबूल को अपने दो फेवरेट कंटेस्टेंट बताया है। मुनव्वर ने कहा कि बिग बॉस ओटीटी के तीसरे सीजन में वो नैजी और सना मकबूल को पसंद करते हैं। दोनों की गेम शो के अंदर अच्छी रही है। इसके बाद उन्होंने कहा कि 'मैं दिल से चाहता हूं कि सना मकबूल शो जीतें।' यह भी पढ़ें: म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज का निधन, शोक में डूबा साथी कलाकार

सना मकबूल होंगी विनर?

मुनव्वर फारूकी ने कहा कि 'सना मकबूल मेरी बहुत अच्छी दोस्त हैं। शो में आने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत भी की है। इसलिए मैं चाहता हूं कि बिग बॉस ओटीटी 3 की ट्रॉफी सना ही जीतें।' इसके साथ ही मुनव्वर ने अपने फैंस से गुजारिश की है कि वो सना मकबूल को भर-भरकर वोट करें। आपको बता दें कि फिलहाल टॉप 5 में शामिल कंटेस्टेंट्स में से सना मकबूल, रणवीर शौरी और नैजी को स्ट्रॉन्ग दावेदार माना जा रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर शो के फिक्स विनर की चर्चा भी चल रही है, जिसमें नैजी को शो का फिक्स विनर बताया जा रहा है।

लवकेश के इविक्श से भड़के फैंस

गौरतलब है कि जब से लवकेश कटारिया को बिग बॉस ओटीटी 3 से निकाला गया है, उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर लोग शो बायकॉट करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शो के मेकर्स ने प्लानिंग के साथ लव को बाहर किया है। उन्होंने पहले से विनर फिक्स कर रखा है। इसके साथ ही लोग शो को बायस्ड बता रहे हैं। बता दें कि लवकेश कटारिया को जनता के वोट्स नहीं बल्कि घरवालों के वोटों के आधार पर घर से बेघर किया गया था।