Mirzapur: The Movie Song Shoorveer Controversy: अभिनेता पंकज त्रिपाठी की फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' सिनेमाघरों में अपना जलवा दिखा रही है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी अच्छी पकड़ बना रखी है और ये लगातार कमाई करने में लगी हुई है. एक तरफ जहां फिल्म कमाई कर रही है, तो दूसरी ओर फिल्म विवादों में घिरी हुई है. इस बीच अब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फिल्म से जुड़े विवाद पर सख्ती दिखाई है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है मामला?
सख्त हुआ हाईकोर्ट
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को एक हफ्ते के अंदर फैसला लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने सीबीएफसी को आदेश दिया है कि वो मेकर्स के उस प्रस्ताव पर एक फैसला लें, जिसमें फिल्म के 'शूरवीर' गाने की जगह बैकग्राउंड म्यूजिक लगाने की बात कही गई है.
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जनहित याचिका पर सुनवाई
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें याचिकाकर्ता ने फिल्म से गाना हटाने या उसकी जगह कोई दूसरा बैकग्राउंड स्कोर लगाने की मांग की है. याचिका में कहा गया कि रैपेरिया बालम की तरफ से कंपोज किया गया 'शूरवीर' गाना साल 2020 में महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि के तौर पर रिलीज किया गया था.
याचिका में क्या कहा गया?
इसके अलावा याचिका में ये भी कहा गया है कि गाना मेवाड़, चेतक, सम्मान, बलिदान, मातृभूमि की रक्षा और महाराणा प्रताप की विरासत का जिक्र करता है, जिसे फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' में गैंगस्टर और क्रिमिनल किरदारों वाले सीन में इस्तेमाल किया गया है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म में संगठित अपराध, गैंग की दुश्मनी, हिंसा, अवैध हथियार, ड्रग्स, जबरन वसूली, हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों को दिखाया गया है.
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महाराणा प्रताप से जुड़े आदर्श
साथ ही उन्होंने चिंता जताई है कि ऐसे माहौल में गाने के इस्तेमाल से महाराणा प्रताप से जुड़े आदर्शों और फिल्म में दिखाए गए किरदारों के बीच एक गलत संबंध बन सकता है. उन्होंने कहा कि वो सिनेमा में अपराध, हिंसा या गैंगस्टर किरदारों को दिखाए जाने को चुनौती नहीं दे रहे हैं. उनका कहना है कि पीआईएल का संबंध गाने से जुड़े कॉपीराइट, लाइसेंसिंग या सहमति के मुद्दों से नहीं है. उनकी चुनौती सिर्फ उस खास सीन में गाने के इस्तेमाल और फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़े कानूनों के पालन को लेकर है.
अंतरिम राहत की भी मांग
इतना ही नहीं बल्कि याचिकाकर्ता ने फिल्म से गाने को हटाने या बदलने की मांग के अलावा सीबीएफसी से विवादित सीन के संबंध में फिल्म के सर्टिफिकेशन की समीक्षा करने को भी कहा है. साथ ही याचिका में केस की सुनवाई के दौरान गाने की आवाज बंद करने (म्यूट करने) के लिए अंतरिम राहत की भी मांग की गई है.
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