मनोज कुमार के 10 सुपरहिट गीत, जो आज भी लोगों की जुबां पर

अभिनेता मनोज कुमार पर फिल्माए सुपरहिट गीतों की लिस्ट काफी लंबी है। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन अपने गीतों की वजह से वो सदा याद किए जाएंगे। आइए ऐसे 10 सुपरहिट गीतों की बात करते हैं जो आज भी लोगों की जुबां पर हैं।

Manoj kumar photos
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अभिनेता मनोज कुमार आज हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनपर फिल्माए गीत अमर हैं। उनकी फिल्में अपनी कहानियों और देशभक्ति के लिए बहुत पसंद की जाती हैं। उनके करियर में कई ऐसे गाने रहे जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं। ये गाने ना सिर्फ फिल्मों को हिट बनाते थे, बल्कि उस समय की भावनाओं को भी बहुत अच्छे से दिखाते थे। नीचे उनकी फिल्मों के कुछ बेहतरीन गानों की लिस्ट दी गई है:

1. “मेरे देश की धरती”

1967 में रिलीज हुई फिल्म उपकार में इस गाने को महेंद्र कपूर ने गाया है, इसको कल्याणजी-आनंदजी ने संगीत दिया है और इस इस गाने के गीतकार गुलशन बावरा हैं। ये गाना देशभक्ति का प्रतीक बन गया है। इसके बोल “मेरे देश की धरती सोना उगले” आज भी लोगों को देश पर गर्व महसूस कराते हैं।

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2. “हाय रे हाय नीलकमल”

1968 में रिलीज हुई फिल्म नीलकमल में हाय रे हाय नीलकमल गाना को मोहम्मद रफी ने आवाज दी है, इसके संगीतकार रवि और गीतकार साहिर लुधियानवी हैं। ये एक रोमांटिक और दिल को छू लेने वाला गाना है, जिसने मनोज कुमार की रोमांटिक छवि को दिखाया।

3. “एक प्यार का नगमा है”

1972 में रिलीज हुई फिल्म शोर में यह गीत जिंदगी और प्यार की सच्चाई को बहुत ही खूबसूरती से बयान करता है। आज भी यह गाना बहुत पसंद किया जाता है। इस गाने को लता मंगेशकर और मुकेश ने अपनी आवाज दी, इसके संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और गीतकार संतोष आनंद हैं।

4. “महंगाई मार गई”

1974 में रिलीज हुई फिल्म रोटी कपड़ा और मकान में इस गाने ने उस समय की बढ़ती महंगाई और लोगों की मुश्किलों को दिखाया, और आज भी यह उतना ही सटीक लगता है। इस गाने को लता मंगेशकर, मुकेश और जानी बाबू कव्वाल ने आवाज दिया है, इसके संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और गीतकार वर्मा मलिक हैं।

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5. “दुल्हन चली”

1970 में रिलीज हुई फिल्म पूरब और पश्चिम में इस गाने को महेंद्र कपूर ने अपनी आवाज दी है, इसके गीतकार इंदीवर और संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी हैं। यह गीत भारतीय संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरती को दर्शाता है।

6. “है प्रीत जहां की रीत सदा”

1970 में रिलीज हुई फिल्म पूरब और पश्चिम में ये गाना भारतीय संस्कारों और प्यार की भावना को दिखाता है। यह फिल्म और गाना दोनों ही बहुत सफल रहे। इस गाने को महेंद्र कपूर ने अपनी आवाज दी, इसके संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी और गीतकार इंदीवर हैं।

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7. “जिंदगी की न टूटे लड़ी”

1981 में रिलीज हुई फिल्म क्रांति में ये गाना स्वतंत्रता संग्राम की भावना को बखूबी दिखाता है और बहुत भावुक भी है। इस गाने को लता मंगेशकर और नितिन मुकेश ने अपनी आवाज दी, इसके संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और गीतकार संतोष आनंद हैं।

8. “ये दिल और उनकी निगाहों के साये”

1972 में रिलीज हुई फिल्म बेईमान में ये रोमांटिक गाना मनोज कुमार की अलग-अलग तरह की एक्टिंग को सामने लाता है। इसी फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इस गाने के गायक मोहम्मद रफी, इसके शंकर-जयकिशन और गीतकार हसरत जयपुरी हैं।

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9. “कसमें वादे निभाएंगे हम”

1967 में रिलीज हुई फिल्म उपकार में इस गाने में प्यार और वादों की अहमियत को बहुत ही भावुक ढंग से दिखाया गया है। इस गाने को लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी, इसके संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी और गीतकार इंदीवर हैं।

10. “मैं तो एक पागल”

1965 में रिलीज हुई फिल्म शहीद में इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी, इसके संगीत और बोल प्रेम धवन ने दिया। यह गाना भगत सिंह के प्यार की कहानी को दिखाता है और दिल को छू जाता है।

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ये सभी गाने मनोज कुमार की फिल्मों की जान रहे हैं। उनके लिए गाने सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश देने का जरिया थे। चाहे वो देश के लिए प्यार हो या समाज की सच्चाई हर गाने में उनके विचार और भावनाएं साफ दिखाई देती हैं।

 

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