H Vinoth on Vijay Movie: थलपति विजय की राजनीतिक पारी शुरू होने के बाद उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायगन' (Jana Nayagan) को लेकर फैंस के बीच भारी उत्सुकता है. फिल्म को पहले विजय के सिनेमाई करियर की 'आखिरी फिल्म' (Thalapathy 69) माना जा रहा था, लेकिन निर्देशक एच. विनोद (H. Vinoth) के एक होशियार और गहरे बयान ने फैंस को चौंका दिया है.
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एच. विनोद का बड़ा दावा
डायरेक्टर के मुताबिक, यह फिल्म विजय के करियर का 'द एंड' नहीं है, बल्कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में उनके एक नए सामाजिक और राजनीतिक सफर का पहला अध्याय है. विनोद कहते हैं कि 'जन नायगन' कोई आम कमर्शियल फिल्म नहीं है. उन्होंने कहा- यह फिल्म सिर्फ विजय सर की तारीफ करने या उन्हें बड़ा दिखाने के लिए नहीं बनाई गई है.'
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विनोद आगे कहते हैं कि 'यह फिल्म करीब दो घंटे की है, लेकिन उसका करीब 30 मिनट का हिस्सा बेहद गंभीर और दमदार है. उन्होंने कहा- अगर दर्शक उस हिस्से को ध्यान से देखेंगे तो हर बार कुछ नया समझ आएगा. उसमें इतना कंटेंट है कि उसे एक साल तक बैठकर समझा जा सकता है.'
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मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली फिल्म
फिल्म की शूटिंग भले ही पहले हुई हो, लेकिन दर्शकों के बीच यह तब आ रही है जब विजय राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. ऐसे में जनता इसे एक अभिनेता की नहीं, बल्कि अपने नेता की फिल्म के रूप में देख रही है. एच. विनोद ने खुलासा किया कि इस संवेदनशील स्क्रिप्ट को पहले कई बड़े कलाकारों ने करने से मना कर दिया था. केवल विजय ने ही लोकतंत्र और वैचारिक लड़ाई पर आधारित इस कहानी को पर्दे पर उतारने का साहस दिखाया.
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कमर्शियल फिल्म नहीं 'जन नायगन'
फिल्म के डायरेक्टर एच विनोद का मानना है कि यह फिल्म कोई आम कमर्शियल मसाला फिल्म नहीं, बल्कि असल लोकतंत्र को बचाने की जंग पर आधारित एक गहरी राजनीतिक ड्रामा मूवी है, जो विजय के वास्तविक राजनीतिक दृष्टिकोण से मेल खाती है.