Kangana Ranaut, Sharmila Tagore: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत अक्सर ही अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. कोई भी मुद्दा क्यों ना हो, लेकिन कंगना अपना पक्ष रखने से पीछे नहीं हटती है. इस बीच अब कंगना अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के वंदे मातरम वाले बयान पर अपना रिएक्शन दिया है. आइए जानते हैं कि इसको लेकर कंगना का क्या कहना है?

कंगना रनौत ने शेयर किया पोस्ट

दरअसल, कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लंबा-चौड़ा नोट लिखा है. कंगना ने इस पोस्ट में शर्मिला के इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट लगाते हए लिखा है कि मैं इस बात की तारीफ करती हूं कि शर्मिला जी ने 'वंदे मातरम' को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है, लेकिन एक कलाकार होने के नाते मुझे हैरानी है कि कला या कविता के बारे में उनकी सोच इतनी सीमित और बनावटी कैसे हो सकती है.

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क्या बोलीं कंगना?

उन्होंने कहा कि किसी भी कविता या गाने में शब्द रूपक (metaphors) होते हैं. एक कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए तरह-तरह की कल्पनाओं और अद्भुत तुलनाओं का इस्तेमाल करता है. 'वंदे मातरम' आजादी की लड़ाई की भावना है. बंकिम चंद्र जी देश को अपने भीतर की शक्ति को जगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. आप कला के इतने महान नमूने को सिर्फ एक धार्मिक रीति-रिवाज कैसे कह सकते हैं?

कंगना का रिएक्शन

इसके आगे उन्होंने लिखा कि विवेकानंद ने मशहूर बात कही थी कि उन्हें ऐसे युवा चाहिए, जिनके शरीर लोहे और हड्डियों के हों और जिनकी नसों में बिजली जैसी ताकत दौड़ती हो और वो मौसम का हाल नहीं बता रहे थे बल्कि शक्ति को जगाने की बात कर रहे थे. प्लीज हिंदू-मुसलमान वाली सोच से बाहर निकलें.

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कंगना का बयान

कंगना ने लिखा कि भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को 'शक्ति' ही कहते हैं. आइए, एक-दूसरे को अपना समझकर गले लगाएं. मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और मुझे आपके जोरदार गले लगाने से कोई परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा करती हैं.

शर्मिला टैगोर का बयान

गौरतलब है कि आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में शर्मिला टैगोर ने कहा था कि मेरा मानना है कि कई धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं ना कि कई देवताओं में. 'वंदे मातरम' में एक पद है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है, जो लोग एक ही धर्म को मानते हैं उनके लिए 'वन्दे काली, वन्दे दुर्गा' कहना मुश्किल है. इसलिए, अगर हम भारत के सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलें, तो शुरुआती दो पद बहुत अच्छे हैं. शर्मिला के इसी बयान पर कंगना का रिएक्शन आया है.

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