Bigg Boss 18 makers also questionable: विवियन डिसेना (Vivian Dsena) प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सबसे ज्यादा पत्रकारों के निशाने पर रहे। रजत दलाल, ईशा सिंह, अविनाश, करणवीर और चुम दरांग से भी काफी सवाल पूछे गए और उनके रिश्तों पर सवाल खड़े किए गए। इसी सवालों के बीच से कुछ ऐसा सवाल भी निकले, जो किसी कंटेस्टेंट से नहीं बिग बॉस से पूछे जाने चाहिए।
1. ईशा के मामले पर क्यों नहीं उठे सवाल
कशिश से भी बड़ा था ईशा का करणवीर पर एलिगेशन तो वीकेंड के वार पर क्यों नहीं उठा मामला, उससे अगले वीकेंड के वार पर फराह ने मामला उठाया, लेकिन केवल नाम का। उनका कहना था कि ईशा का फोकस केवल करणवीर पर है।
2. लाडली की जीत पहले से तय थी
टाइम गॉड बनने के लिए कंधे पर उठाने वाला टास्क बिल्कुल अनफेयर था। ज्यादा वजन की बात छोड़ भी दें तो टास्क ऐसा होना चाहिए था कि कौन पहले हिम्मत हारता है, जबकि टास्क ये निकला कि आपको रुकना नहीं है। लाडली की जीत पहले से तय थी
3. विवियन को जिताना पहले से था तय
टिकट टू फिनाले टास्क में जब दो कंटेंडर विवियन और चुम हैं तो टास्क कोई माइंड वाला देना चाहिए था। बिग बॉस ने फिजिकल टास्क दिया, इससे स्पष्ट था कि मेकर्स की कोशिश पहले से विवियन डिसेना को जिताने की थी।
4. ईशा रहीं बायस्ड
लगातार विवियन ग्रुप का या समर्थक कंटेस्टेंट ही टाइमगॉड बनता रहा, जिसे नॉमिनेशन और सेव करने के अधिकार मिले। हर बार सभी खूब बॉयस्ड दिखे। दोनों में हर बार उनके कंटेस्टेंट सेव होते रहे। ईशा ने खुद माना था कि वे बॉयस्ड रहीं।
5. चाहत के मुद्दे पर क्यों साधी चुप्पी
चाहत पांडेय और अविनाश के बीच मामला वीकेंड के वार में दोनों की मां के सामने निपट गया था तो डोमिनो टास्क में जब अविनाश ने फिर से चाहत पांडेय के बारे में गलत कहना शुरू किया तो बिग बॉस ने पहले से रोका क्यों नहीं। वो मुद्दा भी वीकेंड में नहीं उठा।