बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन अपनी मच अवेटेड फिल्म चौहान को लेकर काफी सुर्खियों में बने हुए हैं. हाल ही में फिल्म का टीजर भी रिलीज किया गया है, जिसे देख कर उनके फैंस काफी ज्यादा एक्साइटेड नजर आ रहे हैं. इस मूवी का निर्देशन नीरज यादव कर रहे हैं. लेकिन अब यह मूवी विवादों में घिर गई है. दरअसल, क्षत्रिय परिषद ने टीजर में दिखाए गए कुछ डायलॉग और राजपूतों के इतिहास को दिखाए जाने के तरीके पर नाराजगी जताई है.  

आपको बता दें कि क्षत्रिय परिषद ने कहा कि फिल्म में राजपूत इतिहास को एक हथियार के तौर में यूज किया गया है, संगठन ने साफ किया है कि इस तरह की कोशिश चुनावी या वैचारिक मकसद से की जा रही है. वहीं अब सोशल मीडिया पर संगठन ने एक बयान जारी कर इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर राजपूत पहचान को राजनीतिक नैरेटिव में घसीटने की कोशिश की जा रही है.

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क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में क्या कहा?

क्षत्रिय परिषद ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर साफ कहा,  'क्षत्रिय परिषद ने नीरज यादव और अभिनेता अजय देवगन द्वारा चौहान वंश के नाम पर की जा रही राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा (बुराई) की है. परिषद का कहना है कि चौहान एक ऐतिहासिक राजपूत वंश है और उनका इतिहास देश की धरोहर है. इसका इस्तेमाल किसी राजनीतिक फायदे या मीडिया में विवाद खड़ा करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए'.

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परिषद के मुताबिक, 'यह बेहद दुखद है कि राजपूत समाज को जबरदस्ती राजनीति में घसीटा जा रहा है, जबकि राजपूतों ने ऐसी कोई मांग नहीं की थी. वो आज के समय में जब मीडिया और समाज में राजपूतों की सही बात को जगह नहीं मिलती, तब केवल गुस्सा और नफरत फैलाने या राजनीतिक तमाशा खड़ा करने के लिए राजपूत वंश के नाम का इस्तेमाल करना बहुत गलत और अपमानजनक है'

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इस संगठन ने आगे बताया, 'महमूद लोदी खानवा की लड़ाई में महाराणा सांगा के नेतृत्व में लड़ा गया था. दरअसल, हकीम खान सूर ने हल्दीघाटी में चल रहे युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना की एक टुकड़ी की कमान को संभाली थी. संगठन के की तरफ से हो रहे विवाद पर फिल्म मेकर्स की ओर से अभी तक कोई सफाई नहीं आई है.

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