Bigg Boss 18: ‘बिग बॉस 18‘ में कई ऐसे रिकार्ड्स बने हैं जिनके बारे में जानकर आप भी चौंक जाएंगे। इस सीजन में मेकर्स ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी और वो भी कई ऐसे काम कर रहे हैं, जिसके बाद शो इतिहास रचता हुआ नजर आ रहा है। ये रिकार्ड्स कभी हिंसा को लेकर बन रहे हैं तो कभी नॉमिनेशन को लेकर। तो चलिए जानते हैं किस-किस ने इस सीजन में रिकॉर्ड बनाया है और किस चीज में?
सबसे ज्यादा नॉमिनेट होने का रिकॉर्ड
‘बिग बॉस 18’ में नॉमिनेशन को लेकर भी एक रिकॉर्ड बना है। चाहत पांडे (Chahat Pandey) इस सीजन में सबसे ज्यादा नॉमिनेट होने वाली कंटेस्टेंट बन गई हैं। लगभग हर बार के नॉमिनेशन में इनका नाम शामिल होता है। बावजूद इसके वो शो में ड्रामा कर और दर्शकों को एंटरटेन कर रही हैं और जैसे-तैसे खुद को एलिमिनेट होने से बचा भी लेती हैं। चाहत की शो में किसी से भी नहीं बनती ऐसे में हर नॉमिनेशन टास्क में वो फंस जाती हैं।
ऑलमोस्ट टाइम गॉड
इस शो में एक कंटेस्टेंट ने ऑलमोस्ट टाइम गॉड बनने का रिकॉर्ड बना लिया है। करण वीर मेहरा (Karan Veer Mehra) हर बार बनने तो टाइम गॉड जाते हैं, लेकिन ऑलमोस्ट टाइम गॉड बनकर रह जाते हैं। अब तो उन्होंने इस पोजीशन के लिए लड़ना भी बंद कर दिया है। करण ऑलमोस्ट टाइम गॉड बनकर इतना थक चुके हैं कि अब वो अपने लिए नहीं बल्कि चुम के लिए लड़ रहे हैं।
सबसे छोटी टाइम गॉड
चुम दरांग इस घर की सबसे छोटी टाइम गॉड बन गई हैं। उन्होंने एक नया रिकॉर्ड सेट कर दिया है। वो जिस दिन टाइम गॉड बनी उसी दिन बिग बॉस ने उन्हें इस पोजीशन से फायर कर दिया। लेकिन क्यों वो तो अभी तक पता नहीं चल पाया है। अपकमिंग एपिसोड में उस राज से भी पर्दा उठ जाएगा।
बायस्ड बिग बॉस
बिग बॉस ने इतिहास में पहली बार कन्फेस किया है कि वो बायस्ड हैं। पहले दिन ही मेकर्स ने विवियन डीसेना को अपना पसंदीदा कंटेस्टेंट बताया था। वक्त-वक्त पर बिग बॉस विवियन की तारीफें करते और उन पर फेवर करते हुए भी नजर आते हैं। बाकी कंटेस्टेंट्स और दर्शक भी इस बात से वाकिफ हैं कि मेकर्स की बदलौत विवियन फिनाले तक आराम से पहुंच जाएंगे।
नियम टूटने का रिकॉर्ड
बिग बॉस के इस सीजन में सबसे ज्यादा नियम टूटे हैं। इस सीजन में कई बार हिंसा हुई है। हालांकि, किसी भी धक्के पर बिग बॉस ने कोई भी एक्शन नहीं लिया। रजत दलाल ने सबसे ज्यादा शो में हिंसा की है, लेकिन वो अभी तक घर के अंदर हैं। करण भी हाल ही में 2 बार हिंसा करते हुए पकड़े गए हैं और उन पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।