मुख्य बातें:
- एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार री-नीट 2026 के परिणाम 20 जुलाई 2026 तक जारी हो जाएंगे.
- पेपर लीक के आरोपों के बाद मुख्य परीक्षा रद्द करके 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई थी.
- दोबारा हुई परीक्षा में सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक और फेशियल ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया गया.
- पिछले साल एम्स दिल्ली में एडमिशन के लिए कटऑफ 656 मार्क्स और 47 ऑल इंडिया रैंक थी.
- ऑल इंडिया कोटा की 15% सीटों पर एमसीसी और 85% सीटों पर राज्यों द्वारा काउंसलिंग होगी.
Re-NEET Result Date 2026: देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस जैसे कोर्सेज में दाखिला लेने का सपना देख रहे लाखों परीक्षार्थी बेसब्री से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (NEET UG 2026) के रिजल्ट की घोषणा करने जा रही है. 21 जून 2026 को आयोजित की गई री-नीट परीक्षा के बाद अब एजेंसी नतीजों को अंतिम रूप देने में जुटी है. हालांकि एनटीए ने अभी तक रिजल्ट जारी करने की सटीक तारीख की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक दोबारा आयोजित की गई इस परीक्षा के परिणाम 20 जुलाई 2026 तक घोषित कर दिए जाएंगे.
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पेपर लीक के आरोपों के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा?
इससे पहले 3 मई 2026 को आयोजित की गई मुख्य नीट यूजी परीक्षा को पेपर लीक के कथित आरोपों और गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया था. उस परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे. इसके बाद एनटीए ने रिकॉर्ड समय के अंदर 21 जून 2026 को देश भर के 5440 और विदेशों में 14 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच दोबारा परीक्षा का सफल आयोजन किया. इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक, फेशियल ऑथेंटिकेशन और सीसीटीवी निगरानी जैसे कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके.
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अपना स्कोरकार्ड कैसे चेक कर सकते हैं?
परिणाम घोषित होने के बाद छात्र कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं. सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाना होगा. इसके बाद होमपेज पर दिख रहे "NEET UG 2026 Result / Scorecard" के सीधे लिंक पर क्लिक करना होगा. लिंक खुलने पर छात्रों को अपना एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि और स्क्रीन पर दिख रहा सुरक्षा पिन दर्ज करना होगा. सबमिट बटन दबाते ही परीक्षार्थी का ऑल इंडिया रैंक और पूरा स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे वे भविष्य के लिए डाउनलोड कर सकते हैं.
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पिछले साल देश के टॉप एम्स कॉलेजों का कटऑफ स्कोर और रैंक
मेडिकल की पढ़ाई के लिए एम्स को देश का सबसे बेहतरीन संस्थान माना जाता है. छात्रों की सहूलियत के लिए पिछले वर्ष के कुछ प्रमुख एम्स संस्थानों के कटऑफ मार्क्स और ऑल इंडिया रैंक की पूरी सूची नीचे दी गई टेबल में साझा की गई है.
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| एम्स संस्थान का नाम | कटऑफ मार्क्स (Last Year) | ऑल इंडिया रैंक (Cutoff Rank) |
| एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) | 656 मार्क्स | 47 रैंक |
| एम्स जोधपुर (AIIMS Jodhpur) | 623 मार्क्स | 392 रैंक |
| एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) | 614 मार्क्स | 634 रैंक |
| एम्स भुवनेश्वर (AIIMS Bhubaneswar) | 612 मार्क्स | 785 रैंक |
| एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) | 611 मार्क्स | 816 रैंक |
एम्स दिल्ली में सीटों का बंटवारा किस तरह किया गया है?
देश के सबसे टॉप मेडिकल कॉलेज एम्स दिल्ली में कुल 132 सीटें मौजूद हैं, जिनका वर्गीकरण अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर किया गया है. इसमें अनारक्षित यानी जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए 55 सीटें तय की गई हैं. इसके अलावा ओबीसी वर्ग के लिए 32 सीटें, एससी वर्ग के लिए 18 सीटें और एसटी वर्ग के लिए 09 सीटें आरक्षित हैं. आर्थिक रूप से कमजोर यानी ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 11 सीटें रखी गई हैं, जबकि विदेशी छात्रों के लिए कुल 07 सीटें आवंटित की गई हैं. छात्र अपनी रैंक और श्रेणी के आधार पर ही इन सीटों पर दावेदारी पेश कर सकेंगे.
मेडिकल सीटों पर काउंसलिंग का क्या फॉर्मूला रहेगा?
रिजल्ट घोषित होने के बाद नीट यूजी काउंसलिंग का आयोजन नेशनल लेवल पर मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा किया जाता है. एमसीसी के जरिए ऑल इंडिया कोटा के तहत 15% सरकारी मेडिकल कॉलेज सीटों, सभी एम्स, जिपमेर और अन्य केंद्रीय संस्थानों की सीटों पर दाखिला होता है. बाकी बची 85% सरकारी सीटें और सभी प्राइवेट व डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीटों पर दाखिला राज्य स्तर की स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी के जरिए होता है. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज और एडमिट कार्ड पूरी तरह सुरक्षित रख लें.
निष्कर्ष:
री-नीट 2026 के परिणाम जारी होने के बाद देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में दाखिले की रेस शुरू हो जाएगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग के नियमों को अच्छे से समझ लें और अपने सभी जरूरी दस्तावेजों को पहले से ही तैयार रखें.