अगर आप या आपके घर में कोई छात्र 2027 में NEET UG, JEE Main, CUET या UGC NET जैसी बड़ी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) वर्ष 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (CBT) को पूरी तरह से फुलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार कर रही है. इसके तहत अब प्राइवेट सेंटरों पर निर्भरता कम करके देशभर के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में NTA स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर बनाए जाएंगे.
2027 से सभी राष्ट्रीय परीक्षाएं होंगी CBT मोड में
सूत्रों के मुताबिक, 2027 से नीट यूजी (NEET UG) समेत सभी प्रमुख दाखिला परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में ही आयोजित की जाएंगी. अकेले नीट परीक्षा में हर साल लगभग 24 लाख छात्र बैठते हैं. इतने बड़े पैमाने पर एक साथ या अलग-अलग शिफ्टों में कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने के लिए NTA के पास फिलहाल पर्याप्त सेंटरों का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है.
इसी कमी को पूरा करने के लिए NTA ने केन्द्रीय विद्यालयों (KVs), नवोदय विद्यालयों (JNVs), पीएम-श्री स्कूलों और AICTE से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों से हाथ मिलाया है.
15 सितंबर तक मांगी गई 30 जानकारियां
NTA परीक्षा केंद्रों को हाई-टेक बनाने के लिए देशभर के सरकारी और AICTE मान्यता प्राप्त संस्थानों का एक बड़ा ऑडिट करा रहा है. इसके तहत 15 सितंबर तक संस्थानों को 6 मुख्य बिंदुओं समेत कुल 30 जानकारियों की रिपोर्ट देनी होगी:
कंप्यूटर और लैब: चालू हालत में कंप्यूटरों की संख्या और अतिरिक्त कंप्यूटर लगाने की क्षमता.
प्राइवेसी और सिक्योरिटी: कंप्यूटर लैब्स में प्राइवेसी स्क्रीन पार्टिशन और सीसीटीवी (CCTV) कवरेज.
इंटरनेट व पावर बैकअप: हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर, यूपीएस (UPS) और डीजल जनरेटर की व्यवस्था.
लोकेशन व कनेक्टिविटी: नजदीकी बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से दूरी, पिनकोड व पूरा पता.
उपलब्धता: वीकेंड्स (शनिवार/रविवार) और छुट्टियों के दिन केंद्र उपलब्ध रहेंगे या नहीं.
अन्य सुविधाएं: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और क्वेश्चन पेपर/डेटा के लिए स्ट्रांग रूम की सुविधा.
इन सभी जानकारियों का सत्यापन NTA के सरकारी अफसरों की टीम द्वारा क्रॉसचैक (Cross-check) किया जाएगा. आपको बता दें कि 2026 की परीक्षाओं में भी लगभग 90% केंद्र सरकारी शिक्षण संस्थानों में ही बनाए गए थे.
क्यों पड़ी NTA को इस नए सिस्टम की जरूरत?
प्राइवेट ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी और धांधली की शिकायतों को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों और AICTE से जुड़े कॉलेजों में NTA के अपने स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर बनने से पेपर लीक और गड़बड़ी पर रोक लगेगी. सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और सीसीटीवी निगरानी से सुरक्षा मजबूत होगी.
इस कदम से तकनीकी खामियां भी कम होंगी. पावर बैकअप और बेहतर सर्वर सिस्टम से परीक्षा के दौरान कंप्यूटर बंद होने जैसी समस्याएं नहीं आएंगी. इसके अलावा छात्रों को बेहतर माहौल मिलेगा. प्राइवेसी पार्टिशन से परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और एकाग्रता बनी रहेगी.
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