हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा खुलासा, पेपर लीक के नाम पर टेलीग्राम पर मांगे जा रहे 10 लाख रुपये; ऐसे फंसाते थे जालसाज

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर नीट री-एग्जाम के पेपर बेचने के जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वे सभी पूरी तरह फर्जी हैं.

विज्ञापन

नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने टेलीग्राम पर चल रहे एक बहुत बड़े फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. छात्रों को ठगी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए भारत में टेलीग्राम ऐप को अस्थायी रूप से बैन कर दिया है. सीबीआई जांच के दायरे में चल रही इस परीक्षा के मई सत्र के रद्द होने के बाद, अब 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है. इसी का फायदा उठाकर जालसाज छात्रों को अपना शिकार बना रहे थे.

पेपर के बदले ₹10 लाख तक की मांग

NTA की आधिकारिक एडवाइजरी के मुताबिक, टेलीग्राम पर सक्रिय जालसाज अलग-अलग तरीकों से छात्रों और उनके माता-पिता की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे. टेलीग्राम चैनलों पर झूठा दावा किया जा रहा था कि उनके पास लीक हुआ री-एग्जाम का पेपर है. इसके बदले छात्रों से ₹14,000 से ₹25,000 और कुछ गंभीर मामलों में ₹10 लाख तक की मांग की जा रही थी. NTA ने साफ किया है कि सुरक्षित सिस्टम से बाहर कोई पेपर मौजूद नहीं है और पैसे देने पर वह पूरी तरह डूब जाएगा. इसके अलावा, छात्रों के एडमिट कार्ड और व्हाट्सएप नंबर जैसे पर्सनल डेटा का इस्तेमाल बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए भी किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें : कौन हैं टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव? अरबों की संपत्ति फिर भी जीते हैं ‘बंजारा’ जीवन; राष्ट्रपति से ले लिया था पंगा

विज्ञापन

वहीं, जालसाज टेलीग्राम के एक खास फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे थे. टेलीग्राम पर चैनल एडमिन किसी भी पुराने मैसेज को एडिट करके उसके अंदर की सामग्री बदल सकता है, लेकिन मैसेज भेजने की तारीख पुरानी ही रहती है. यानी 4 तारीख को एडिट किए गए मैसेज को ऐसा दिखाया जा सकता है जैसे वह 1 तारीख को भेजा गया था. इसी लूपहोल का इस्तेमाल कर फर्जी सबूत और वीडियो बनाए जा रहे थे ताकि लगे कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था.

ऐसे खुली पोल

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर नीट री-एग्जाम के पेपर बेचने के जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वे सभी पूरी तरह फर्जी हैं. इन फर्जी पेपर्स और चैट्स को एआई और अन्य डिजिटल टूल्स की मदद से तैयार किया गया है. 21 जून दोपहर 2 बजे से पहले किसी भी तरह से प्रश्न पत्र बाहर आना असंभव है.

विज्ञापन

इस फ्रॉड मॉडल को लेकर आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटी ने भी प्रदर्शन करके दिखाया कि कैसे टेलीग्राम की टाइमस्टैम्प एडिटिंग का गलत फायदा उठाकर पेपर लीक के झूठे सबूत गढ़े जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें : Re-NEET एग्जाम से पहले बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई गई अस्थायी रोक, 21 जून के लिए जानें कैसे हैं सिक्योरिटी के इंतजाम?

विज्ञापन

टेलीग्राम हुआ बैन, प्ले स्टोर से हटा

NTA की सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी अधिनियम की धारा 69A के तहत कड़े निर्देश जारी किए हैं. भारत में 22 जून तक टेलीग्राम के एक्सेस को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है. यह ब्लॉकिंग नीट परीक्षा के दिन (21 जून) और उसके ठीक बाद के समय को कवर करेगी. वहीं, टेलीग्राम के मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून तक हटाने का आदेश दिया गया है.

गूगल ने टेलीग्राम को प्ले स्टोर से हटा दिया है और एप्पल से भी ऐसा ही करने की उम्मीद है. फिलहाल ऐप पर मैसेज का आना-जाना बंद हो चुका है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : NEET UG 2026 Re-Exam: नीट यूजी री-टेस्ट के एडमिट कार्ड जारी, जानें डाउनलोड करने का तरीका

NTA के महानिदेशक के अनुसार, भले ही जालसाज वीपीएन या विदेशों से ये चैनल चलाएं, लेकिन भारत में छात्रों का एक्सेस न होने के कारण उनका कोई ‘क्लाइंट’ या खरीदार नहीं बचेगा, जिससे यह धोखाधड़ी रुक जाएगी.

विज्ञापन

टेलीग्राम के फाउंडर ने जताई नाराजगी

इस बैन पर टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कुछ यूजर्स द्वारा पेपर लीक करने की वजह से भारत के 15 करोड़ से अधिक सामान्य यूजर्स को सजा मिल रही है, जबकि पेपर लीक करने वाले अंदरूनी सूत्रों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बैन से कुछ नहीं रुकेगा, बल्कि लीक अन्य ऐप्स पर शिफ्ट हो जाएंगे.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola