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21 जून को NEET एग्जाम के लिए NTA का च्रकव्यूह तैयार, सेंटरों के आस-पास रहेगा 'लॉकडाउन', जानें कैसे हैं इंतजाम?

NEET-UG पेपर लीक के बाद अब शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक बार फिर से 21 जून को री-नीट करवाने जा रही है. इस बार NTA और शिक्षा मंत्रालय ने इस परीक्षा को लेकर एक कड़ा चक्रव्यूह रचा है. जिससे कि फिर से पहले जैसी स्थिति पैदा ना हो सके.

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NEET-UG पेपर लीक के बाद अब शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक बार फिर से 21 जून को री-नीट करवाने जा रही है. इस बार NTA और शिक्षा मंत्रालय ने इस परीक्षा को लेकर एक कड़ा चक्रव्यूह रचा है. जिससे कि फिर से पहले जैसी स्थिति पैदा ना हो सके.

बता दें कि नीट की परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पेपर सेट करने, उसकी मॉडरेशन करने और हिंदी-अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को एक गुप्त और बेहद सुरक्षित स्थान पर लॉकडाउन यानी स्टिक्ट आइसोलेशन में भेज दिया गया है.

यह कड़ा लॉकडाउन आगामी 21 जून को परीक्षा खत्म होने तक जारी रहेगा. इस दौरान पेपर सेटर और ट्रांसलेटर किसी से भी नहीं मिल सकेंगे. बता दें कि मई में हुई परीक्षा के रद्द होने से परेशान 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों की चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

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यह भी पढ़ें- RE-NEET UG 2026: 500, 550, 600 या 650 नंबर पर क्या मिलेगा MBBS? जानिए किस स्कोर पर कौन-सा मेडिकल कॉलेज आपके लिए बेहतर

इंटरनेट, मोबाइल और स्मार्टवॉच सब बंद

अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, इस बार सुरभा व्यवस्था को मल्टी टियर (कई स्तरों पर) बनाया गया है, जिसमें लॉकडाउन पहला चरण है, गुप्त फैसिलिटी में रह रहे सभी विशेषज्ञों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और पर्सनल कम्युनिकेशन डिवाइस पूरी तरह जब्त या प्रतिबंधित कर दिए गए हैं. परिसर में इंटरनेट के इस्तेमाल और बाहरी संपर्कों पर कड़ा नियंत्रण है. यहां तक कि स्मार्टवॉच ले जाने पर भी पाबंदी है.

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परिसर के अंदर और बाहर जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी मॉनिटरिंग और डॉक्यूमेंटेशन की जा रही है. केवल बेहद जरूरी और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति है.

लाने और ले जाने के लिए IAF विमानों की मदद

TOI को अधिकारियों ने बताया कि इस बार पेपर बनाने से लेकर उसकी छपाई, पैकेजिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के पूरे सिस्टम को ‘कंपार्टमेंटलाइज्ड’ (टुकड़ों में विभाजित) कर दिया गया है. जिसका अर्थ है कि इस बार इस पूरे ऑपरेशन की बागडोर किसी एक व्यक्ति या फिर समूह के हाथ में नहीं रहेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि प्रश्नपत्रों को देश भर के परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए सरकार भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों का उपयोग करने पर विचार कर रही है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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