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इतिहास में पहली बार! NEET परीक्षा कराने के लिए उतरेगी सेना, वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे प्रश्न पत्र

नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने ‘टू-टियर’ सुरक्षा खाका तैयार किया है. इस बार प्रश्नपत्रों को लीक से बचाने के लिए सड़क के बजाय आसमान का रास्ता चुना गया है.

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अब तक आपने भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा संभालते हुए या फिर आपदा के वक्त रेस्क्यू करते हुए देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देश के छात्र जब परीक्षा देने बैठेंगे, तो उनकी सुरक्षा और पेपर की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सेना मोर्चा संभालेगी? यह बात ‘सोलह आना सच’ होने जा रही है. आने वाली 21 जून 2026 को देश की आजादी के बाद एक नया इतिहास रचा जाएगा, जब नीट के री-एग्जाम को पूरी तरह लीक-प्रूफ कराने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को युद्ध स्तर पर तैनात किया जाएगा.

आसमान से होगी निगरानी

नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने ‘टू-टियर’ सुरक्षा खाका तैयार किया है. इस बार प्रश्नपत्रों को लीक से बचाने के लिए सड़क के बजाय आसमान का रास्ता चुना गया है. प्रश्नपत्रों को देश के अलग-अलग कोनों में सही-सलामत पहुंचाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है. वायुसेना अपने अत्याधुनिक Mi-17 हेलीकॉप्टर्स के जरिए पेपर के बॉक्स सीधे अलग-अलग एयरफोर्स स्टेशनों तक पहुंचाएगी.

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जैसे ही हेलीकॉप्टर रनवे पर लैंड करेंगे, वहां से प्रश्नपत्रों की पेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने का जिम्मा अर्धसैनिक बल संभालेंगे.

CRPF और CISF की 45 बटालियनें संभालेंगी मोर्चा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा में कोई कसर न छोड़ते हुए CRPF की 20 और CISF की 25 बटालियनों को इस स्पेशल ड्यूटी पर लगाया है. बता दें, एक बटालियन में करीब 110 जवान होते हैं, यानी लगभग 5,000 से ज्यादा हाईटेक जवान देश के परीक्षा केंद्रों की पहरेदारी करेंगे. इस कदम के पीछे गृह मंत्रालय का मुख्य मकसद पेपर को देश भर के परीक्षा केंद्रों तक बिना किसी सुरक्षा चूक के पहुंचाना है.

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कैसा होगा लॉजिस्टिक्स का मेगा रोड मैप?

देश भर में इस महा-परीक्षा को आयोजित करने के लिए एक बेहद मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार किया गया है. प्रश्न पत्र सबसे पहले हैदराबाद और अहमदाबाद के मुख्य हब पर भेजे जाएंगे. वहां से दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में पेपर समय पर पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली जाएगी. सेना और अर्धसैनिक बलों के इस साझा ऑपरेशन के जरिए देश के 551 हब शहरों तक पेपर डिलीवर किए जाएंगे. सुरक्षा इतनी पुख्ता है कि इस ड्यूटी में तैनात हर एक जवान का पूरा बायोडाटा और रिकॉर्ड पहले ही भारतीय रक्षा मंत्रालय को भेज दिया गया है.

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क्यों चुना गया वायुसेना का Mi-17 हेलीकॉप्टर?

नीट प्रश्न पत्र की एयर-लिफ्टिंग के लिए रूस में बने Mi-17 मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर को चुना गया है, जो भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है. इसकी खासियतें इसे इस मिशन के लिए सबसे मुफीद बनाती हैं. यह हेलीकॉप्टर एक बार में 36 सशस्त्र सैनिकों या 4000 किलोग्राम तक वजनी सामान को ले जाने में सक्षम है. इसकी अधिकतम स्पीड 250 किमी/घंटा है और यह 6000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इसमें आधुनिक रडार, ऑटोपायलट और वेदर मॉनिटरिंग सिस्टम लगे हैं, जिससे यह खराब मौसम में भी सटीक उड़ान भर सकता है. अत्यधिक गर्म और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी इसका प्रदर्शन बेजोड़ रहता है, जिससे दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पेपर बिना किसी देरी के पहुंच सकेंगे.

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