यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार सालों साल मेहनत करते हैं, लेकिन इसके बावजूद लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। हालांकि, कुछ ऐसे उम्मीदवार भी हैं, जिन्होंन देश की इस सबसे कठिन परीक्षा को अपने पहले प्रयास में ही क्लियर करके एक मिसाल कायम की है। आज हम आपको एक ऐसी ही उम्मीदवार आईएफएश ऐश्वर्या श्योराण के बारे में बताएंगे।
मॉडल से आईएफएस बनने तक का सफर
दरअसल, आईएफएस ऐश्वर्या श्योराण की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ते हैं। एक सफल मॉडल से IAS अधिकारी बनने तक का उनका सफर असाधारण रहा है।
पिता भारतीय सेना में कर्नल
ऐश्वर्या श्योराण का जन्म 1997 में हुआ था। उनके पिता अजय कुमार श्योराण भारतीय सेना में कर्नल हैं। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली ऐश्वर्या को मॉडलिंग का भी शौक था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया है।
रह चुकी हैं मिस इंडिया फाइनलिस्ट
उन्होंने मॉडलिंग में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वह 2016 में “फेमिना मिस इंडिया” के फाइनलिस्ट में शामिल थीं। इसके अलावा, उन्होंने “दिल्ली टाइम्स फ्रेश फेस”, “मिस क्लीन एंड क्लियर” और “मिस दिल्ली” जैसे खिताब भी जीते हैं। हालांकि, उनके मन में हमेशा से एक बड़ा सपना था और वो था IAS अधिकारी बनना।
बिना कोचिंग यूपीएससी क्रैक किया
आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए ऐश्वर्या ने मॉडलिंग छोड़ दी और पूरी तरह से पढ़ाई पर ध्यान दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने सिर्फ सेल्फ-स्टडी और सही रणनीति के बल पर सफलता हासिल की।
2020 में UPSC परीक्षा में मिली सफलता
कड़ी मेहनत और लगन के बल पर ऐश्वर्या ने 2020 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 93वीं रैंक हासिल की। उनके इस सफर ने यह साबित कर दिया कि अगर सच्ची लगन और मेहनत हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। हालांकि, ऐश्वर्या ने परीक्षा पास करने के बाद आईएएस के बजाय आईएफएस का पद चुना।
लाखों युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आईएफएस ऐश्वर्या श्योराण की कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करने का सपना देखते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।