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री-इवैल्यूएशन को लेकर CBSE का बड़ा फैसला! कॉपियों की स्कैनिंग में आई दिक्कतों के बाद किया बड़ा बदलाव

सीबीएसई ने सुरक्षा चिंताओं और तकनीकी गड़बड़ियों के बाद री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से प्राइवेट प्लेटफॉर्म को हटा दिया है. अब 12वीं की कॉपियों की दोबारा जांच पूरी तरह बोर्ड के अपने सुरक्षित सर्वर पर होगी.

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सीबीएसई ने क्या बड़ा बदलाव किया है?

CBSE Re-evaluation: सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के री-इवैल्यूएशन यानी कॉपियों की दोबारा जांच की प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है. ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) में आई गड़बड़ियों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए बोर्ड ने कोएम्प्ट एडु टेक के ‘ऑनमार्क’ प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद कर दिया है. अब छात्रों और परीक्षा से जुड़ा सारा डेटा सीधे बोर्ड के कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर ट्रांसफर कर दिया गया है. इसका मतलब यह है कि अब 12वीं की कॉपियों की रीचेकिंग पूरी तरह से सीबीएसई के अपने सर्वर पर होगी, ताकि पूरी प्रक्रिया में गोपनीयता और पारदर्शिता बनी रहे.

करीब 1 करोड़ कॉपियों की डिजिटल जांच

सीबीएसई ने 13 मई को रिजल्ट जारी करने से पहले करीब 1 करोड़ कॉपियों की डिजिटल जांच के लिए इस प्राइवेट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया था. इस नए सिस्टम को जल्दबाजी में लागू किया गया था, जिसकी वजह से कॉपियों की खराब स्कैनिंग और अदला-बदली जैसी कई बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं. छात्रों का आरोप है कि इस तकनीकी खामी की वजह से उनके स्कोर पर भी बुरा असर पड़ा है. इस विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोर्ड की मदद के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के तकनीकी एक्सपर्ट्स की एक टीम तैनात की थी, जिनकी सलाह पर डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

यह भी पढ़ें: CBSE Re-Evaluation 2026: री-इवैल्यूएशन के लिए 63 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन, कहीं आप मौका तो नहीं गंवा रहे? जानिए अप्लाई करने का तरीका

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आईआईटी के एक्सपर्ट्स की निगरानी में अपग्रेड हुआ सिस्टम

आईआईटी कानपुर के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा चिंताओं की वजह से अब री-इवैल्यूएशन की पूरी प्रक्रिया सीबीएसई की अपनी वेबसाइट के जरिए होगी. हालांकि बोर्ड ने प्राइवेट कंपनी के सॉफ्टवेयर से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ा है, बल्कि उसके कोडबेस को बड़े सुरक्षा अपग्रेड और टेस्टिंग के बाद पैच करके अपने खुद के सर्वर पर रन कर रहा है. कंपनी सिर्फ उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग का काम संभालेगी, जबकि कॉपियों की जांच का मुख्य काम सीबीएसई के डायरेक्ट कंट्रोल में रहेगा. एक्सपर्ट्स की टीम अभी इस पूरे प्लेटफॉर्म में आई कमियों और तकनीकी खराबी की फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है.

पोर्टल पर साइबर हमले की जांच शुरू

इस बीच कॉपियों को देखने और री-इवैल्यूएशन के पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए सीबीएसई ने आवेदन करने की आखिरी तारीख एक दिन बढ़ाकर 7 जून की मध्यरात्रि तक कर दी है. बोर्ड को अब तक 70 हजार से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं. दूसरी तरफ सीबीएसई के इस पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल को निशाना बनाकर किए गए ‘समन्वित’ साइबर हमलों का मामला भी सामने आया है, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है. बोर्ड ने साफ किया है कि इस बदलाव का मकसद सिर्फ छात्रों के हितों की रक्षा करना और मूल्यांकन को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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