21 जून 2026 को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET UG’ आयोजित होने जा रही है. लाखों छात्र-छात्राएं इस समय दिन-रात पढ़ाई में जुटे हैं. लेकिन सच यह है कि सीमित सरकारी सीटों और ज्यादा कॉम्पिटिशन की वजह से हर छात्र को एमबीबीएस (MBBS) कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाता. ऐसे में कई छात्र निराश हो जाते हैं कि उनका डॉक्टर बनने या मेडिकल क्षेत्र में जाने का सपना टूट गया. लेकिन आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) का क्षेत्र सिर्फ डॉक्टरों तक सीमित नहीं है. आप बिना नीट परीक्षा दिए भी मेडिकल के बेहतरीन क्षेत्रों में एक सफल और सम्मानजनक करियर बना सकते हैं. इस स्टोरी में हम आपको कुछ ऐसे कोर्स के बारे में बताएंगे, जिसमें आपको नीट की परीक्षा नहीं देनी होगी और आप मेडिकल फील्ड में अपना शानदार करियर बना सकेंगे.
B.Sc Nursing
बीएससी नर्सिंग (B.Sc. Nursing) चार साल का एक बहुत ही शानदार डिग्री कोर्स है. मेडिकल क्षेत्र में नर्सों को रीढ़ की हड्डी माने जानी जाती है. इसके बिना कोई भी अस्पताल काम नहीं कर सकता. इस कोर्स को करने के बाद आप सरकारी और निजी अस्पतालों में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में काम कर सकते हैं. इसके लिए 12वीं कक्षा में आपके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषय होने चाहिए और कम से कम 50% अंक जरूरी हैं. सरकारी कॉलेजों में इसकी सालाना फीस बेहद कम यानी 30,000 से 70,000 रुपये के बीच होती है.
B.Pharm:
फार्मेसी का क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है. B.Pharm कोर्स की मदद से छात्र दवा निर्माण, रिसर्च, गुणवत्ता नियंत्रण और अस्पताल फार्मेसी में करियर बना सकते हैं. भारत का फार्मास्यूटिकल उद्योग विश्व स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे रोजगार की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं.
BPT
बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी उन छात्रों के लिए बेहतरीन है जो शारीरिक उपचार और रिकवरी के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं. खेल चोटों, हड्डी संबंधी समस्याओं और स्ट्रोक के बाद मरीजों के उपचार में फिजियोथेरेपिस्ट की अहम भूमिका होती है. आने वाले सालों में इस क्षेत्र की मांग और बढ़ने की उम्मीद है.
BMLT
बैचलर ऑफ मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी (BMLT) तीन साल का एक अंडरग्रेजुएट कोर्स है. किसी भी मरीज का इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर उसके खून, यूरिन या अन्य बॉडी फ्लूइड्स की जांच करवाते हैं. यही जांच करने का काम बीएमएलटी विशेषज्ञ करते हैं. इस कोर्स को पूरा करने के बाद आप किसी भी बड़े अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में बतौर लैब टेक्नोलॉजिस्ट काम कर सकते हैं या अपनी खुद की डायग्नोस्टिक लैब खोलकर एक अच्छी कमाई कर सकते हैं.
बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी
एक्स-रे, सीटी स्कैन (CT Scan), अल्ट्रासाउंड और एमआरआई (MRI) जैसी आधुनिक तकनीकों के बिना आज के समय में इलाज संभव नहीं है. तीन से चार साल के इस कोर्स में छात्रों को इन्हीं मशीनों को संचालित करने और रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है. चूंकि हर छोटे-बड़े शहर में डायग्नोस्टिक सेंटर्स खुल रहे हैं, इसलिए इस कोर्स को करने के तुरंत बाद छात्रों को रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट्स और कैंसर हॉस्पिटल्स में बहुत आसानी से अच्छी सैलरी वाली नौकरियां मिल जाती हैं.
ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी
ऑपरेशन थिएटर (OT) टेक्नोलॉजिस्ट का काम सर्जरी के समय सर्जनों की मदद करना, सर्जिकल उपकरणों को कीटाणुरहित करना और मरीजों की देखभाल करना होता है. यह तीन साल का कोर्स आपको सीधे तौर पर गंभीर चिकित्सा प्रक्रियाओं से जोड़ता है. इस फील्ड की खास बात यह है कि इसमें आपको कॉर्पोरेट और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में बहुत तेजी से प्रमोशन मिलता है, क्योंकि क्रिटिकल केयर और सर्जरी के मामलों में इन पेशेवरों की मांग चौबीसों घंटे बनी रहती है.
B.Sc. Biotechnology
अगर आप अस्पताल की नौकरी से हटकर कुछ अलग करना चाहते हैं, तो बीएससी बायोटेक्नोलॉजी (B.Sc. Biotechnology) एक बेहतरीन रिसर्च-ओरिएंटेड विकल्प है. इस कोर्स में तरह-तरह की चीजों का उपयोग करके नई दवाइयां, वैक्सीन और कृषि उत्पादों का विकास किया जाता है और करना सिखाया दाता है. कोरोना काल के बाद से वैक्सीन रिसर्च और जेनेटिक्स के क्षेत्र में बायोटेक्नोलॉजिस्ट की मांग पूरी दुनिया में बहुत तेजी से बढ़ी है, जिससे विदेशों में भी नौकरियों के बेहतरीन अवसर मिलते हैं.
कम नीट स्कोर पर भी मिल सकता है डॉक्टर बनने का मौका
अगर आपका सपना अपने नाम के आगे ‘डॉक्टर’ लिखना ही है, लेकिन नीट में अंक कम आए हैं, तो आप आयुष (AYUSH) कोर्सेज की तरफ रुख कर सकते हैं. इसमें बीएएमएस (BAMS – आयुर्वेद), बीएचएमएस (BHMS – होम्योपैथी) और बीएनवाईएस (BNYS – प्राकृतिक चिकित्सा) शामिल हैं. इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट परीक्षा पास करना तो जरूरी है, लेकिन इनकी कट-ऑफ एमबीबीएस (MBBS) की तुलना में काफी कम होती है. इन्हें पूरा करने के बाद आपको सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में बतौर आयुष डॉक्टर काम करने अनुभाव मिलता है.
यह भी पढ़ें: 21 जून को NEET एग्जाम कराने के लिए कैसी है तैयारी? सेना-एयरफोर्स और PM मोदी भी निभाएंगे
संबंधित खबरें
NEET पेपर लीक: नंदन नीलेकणि ने सिंगल क्वेश्चन पेपर पर उठाए सवाल
1 day agoआज जारी हो सकती है CBSE 10वीं 12वीं की डेटशीट, ऐसे करें डाउनलोड
1 day ago5 फरवरी से शुरू होंगे UP Board एग्जाम, देखें टाइमटेबल
1 day agoअमेरिका में एक साल में 12000 किताबें बैन, AI कर रहा फैसला
6 days agoCBSE Private Exam 2027 के लिए आवेदन शुरू, जानें फीस और आखिर तारीख
6 days agoइस दिन तक आ सकता है UP Board 10वीं-12वीं का टाइम टेबल, कर लो तैयारी टाइट
6 days agoविदेश से MBBS करने वाले इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत
8 days agoDU स्टूडेंट्स के लिए गुड न्यूज! अब एग्जाम पास करने के लिए आसान हुए नियम
11 days agoका बड़ा फैसला! कम क्रेडिट पर भी अगली क्लास में प्रमोट होंगे छात्र
11 days agoCBSE बोर्ड में क्लास 10th के छात्रों को पास होने के लिए चाहिए कितने मार्क्स
12 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines