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10वीं-12वीं स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, नए सेशन से नया होगा एग्जाम पैटर्न, सरकार ने क्या की घोषणा?

Biannual Board Exam Pattern Update: भाजपा की मोदी सरकार ने 10वीं-12वीं के एग्जाम साल में 2 बार कराने का ऐलान कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नया एग्जाम पैटर्न नए सेशन से लागू करने की पूरी तैयारी है। किताबें भी नए पैटर्न के अनुसार ही छपेंगी। जल्दी ही सभी राज्यों को नए एग्जाम पैटर्न का नोटिफिकेशन भेज दिया जाएगा।

देश में बोर्ड एग्जाम का पैटर्न बदलने जा रहा है।
Biannual Board Exam Pattern Latest Update: देशभर के करोड़ों स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी है। 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम का पैटर्न बदलने जा रहा है। नया पैटर्न नए सेशन 2025-26 से लागू होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद इसका ऐलान किया और कहा कि स्टूडेंट्स अब साल में 2 बार बोर्ड एग्जाम दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि नए एग्जाम पैटर्न को लागू करने की तैयारी हो गई है। नए सेशन में किताबों भी नए एग्जाम पैटर्न के मुताबिक छपवाई जाएंगी। इस स्कीम का मकसद पढ़ाई के तनाव को कम करना है। वहीं साल में 2 बार बोर्ड एग्जाम लेने का फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में लिया गया।  

छात्रों को पढ़ाई के तनाव से मुक्त करना मकसद

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान छत्तीसगढ़ के रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में ‘पीएम श्री’ (प्राइम मिनिस्टर स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना लॉन्च कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने छात्रों के साथ संवाद किया और साल में 2 बार बोर्ड एग्जाम कराए जाने का ऐलान किया। साथ ही बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्रों को पढ़ाई के तनाव से मुक्त करना चाहते हैं। उन्हें क्वालिटी एजुकेशन देना चाहते हैं, ताकि वे अपने समाज और संस्कृति से जुड़े रहें और भविष्य के लिए ऐसे परिपक्व हो जाएं कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में अपना योगदान दे पाएं। यह भी पढ़ें: विश्वविद्यालयों में खत्म हो जाएगा भर्तियों में आरक्षण? क्या कहती हैं UGC की ड्राफ्ट गाइडलाइंस?

क्या-क्या होंगे नए एग्जाम पैटर्न के फायदे

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि साल में 2 बार बोर्ड एग्जाम होने से स्टूडेंट्स को कई फायदे होंगे। जैसे सिलेबस कवर करना आसान हो जाएगा। 2 सेशन में सिलेबस बंट जाने से अच्छी तैयारी होगी और स्टूडेंट्स एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन करके अच्छे नंबर ले सकेंगे। क्योंकि दोनों बार एग्जाम में आए नंबर ही फाइनल माने जाएंगे तो स्टूडेंट्स अपनी परफॉर्मेंस का खुद मूल्यांकन भी कर पाएंगे। एक की सब्जेक्ट साल भर नहीं पढ़ना पड़ेगा। ऐसे में स्टूडेंट्स अपनी पसंद का सब्जेक्ट भी चुन पाएंगे। स्टूडेंट्स को अब लैंग्वेज भी पढ़नी होगी। 2 लैंग्वेज चुनने का ऑप्शन मिलेगा, जिसमें से एक इंडियन लैंग्वेज अनिवार्य होगी। यह भी पढ़ें: Coaching Centers के लिए सरकार को क्यों जारी करनी पड़ी गाइडलाइन? 10 पॉइंट्स में जानें नए नियम


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