शेयर बाजार में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच एक शख्स को भारी पड़ गया. साइबर ठगों ने पहले उसे व्हाट्सऐप के एक निवेश ग्रुप में जोड़ा और खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट बताया. फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और धीरे-धीरे उससे 4.75 लाख निवेश के नाम पर ट्रांसफर करा लिये. जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगा तो ठगों ने उलटा 12 लाख और जमा करने को कहा. यहीं पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की.
व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ खेल
साइबर सेल के मुताबिक पीड़ित रामचंद्र यादव को Bull Market Dhan Club H10608 नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था. ग्रुप में मौजूद लोग खुद को शेयर बाजार और आईपीओ निवेश का जानकार बताते थे. उन्होंने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उनके बताए तरीके से निवेश करने पर अच्छा और लगभग तय मुनाफा मिलेगा. शुरुआत में फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश की रकम बढ़ती हुई दिखाई गई. इससे पीड़ित को लगा कि उसका पैसा सही जगह लगाया जा रहा है. भरोसा होने के बाद उसने यूपीआई और नेट बैंकिंग के जरिए कुल 4.75 लाख ट्रांसफर कर दिए.
पैसा निकालने की बारी आई तो मांगे 12 लाख
कुछ समय बाद फर्जी ऐप पर पीड़ित को मुनाफा दिखने लगा जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नया बहाना बना दिया. उससे कहा गया कि पैसा निकालने के लिए 12 लाख प्रोसेसिंग चार्ज के तौर पर जमा करने होंगे. इतनी बड़ी रकम मांगते ही पीड़ित को शक हुआ, उसे समझ आ गया कि जिस मुनाफे का सपना दिखाया जा रहा था. वह असल में ठगी का जाल है. इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की. मामले में साइबर थाना शाहदरा में 1 अप्रैल को केस दर्ज किया गया.
रकम पहुंची ओडिशा के खाते में
पुलिस ने जांच शुरू की तो ठगी की रकम का पीछा करते हुए एक बैंक खाते तक पहुंची. जांच में पता चला कि ठगी के करीब 3.75 लाख सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में जमा हुए थे. यह खाता Fusion Enterprises नाम की फर्म के नाम पर था. खाते में सुब्रत कुमार साहू और संतोष कुमार लेंका के नाम दर्ज थे. बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की गई तो वह सुब्रत कुमार साहू के नाम पर मिला. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अन्य जांच के जरिए आरोपी को ओडिशा के भुवनेश्वर से दबोच लिया.
दो महीने में खाते में घूमे 2.97 करोड़
पुलिस के लिए सबसे चौंकाने वाली बात बैंक खाते की जांच में सामने आई. जिस खाते में पीड़ित के ठगी के पैसे पहुंचे थे, उसमें महज दो महीने के भीतर करीब 2.97 करोड़ जमा हुए थे. पुलिस को शक है कि खाते का इस्तेमाल केवल एक पीड़ित को ठगने के लिए नहीं बल्कि कई साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था.
17 साइबर ठगी से जुड़ा मिला खाता
जांच आगे बढ़ी तो इस बैंक खाते की कड़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज 17 साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ी मिलीं. इससे साफ हुआ कि मामला केवल 4.75 लाख की एक ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. पुलिस अब इन शिकायतों से जुड़े पैसों के लेनदेन और आरोपियों के बीच संबंधों की जांच कर रही है.
सात बैंक खाते खुलवाने की बात कबूली
गिरफ्तार आरोपी सुब्रत कुमार साहू दसवीं पास है और भुवनेश्वर, ओडिशा का रहने वाला है. पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए करीब सात बैंक खाते खुलवाए या उनकी व्यवस्था की थी. इनमें कॉरपोरेट और सेविंग अकाउंट दोनों शामिल थे पुलिस के मुताबिक ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर उसका सोर्स छिपाने के लिए किया जाता है.
मोबाइल में मिली सह-आरोपियों से चैट
आरोपी के मोबाइल की जांच में बैंक खातों और लेनदेन को लेकर सह-आरोपियों के साथ बातचीत की चैट भी मिली है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संतोष कुमार लेंका के साथ हवाई जहाज से गुवाहाटी गया था. पुलिस अब इन यात्राओं और बैंक लेनदेन के बीच संबंध तलाश रही है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं.
ऐसे फंसाते थे निवेशकों को
जांच में साइबर ठगी का पूरा तरीका भी सामने आया है. ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे. खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट या निवेश सलाहकार बताकर बड़े मुनाफे का लालच दिया जाता था. पहले पीड़ित से छोटी रकम लगवाई जाती थी. फर्जी ऐप पर मुनाफा दिखाया जाता और कई बार विश्वास बढ़ाने के लिए थोड़ी रकम वापस भी कर दी जाती थी. इसके बाद पीड़ित से बड़ी रकम निवेश कराई जाती. जब पीड़ित पैसा निकालने जाता तो टैक्स, वेरिफिकेशन, कंप्लायंस या विथड्रॉल चार्ज के नाम पर और रकम मांगी जाती. रकम मिलने के बाद ठग मोबाइल बंद कर देते या पीड़ित को ब्लॉक कर देते थे.
खातों की किराये पर व्यवस्था से चलता था पैसा
साइबर ठगी में सबसे अहम कड़ी बैंक खाते होते हैं. जांच में सामने आया कि कुछ लोगों को पैसे का लालच देकर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं या उनके खातों का इस्तेमाल करने की व्यवस्था की जाती है. इसके बाद इन्हीं खातों में ठगी की रकम पहुंचाकर आगे दूसरे खातों में भेजी जाती है. पुलिस अब इस नेटवर्क की बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया है. बरामद डिवाइस की जांच से पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी मिलने की उम्मीद है.
संबंधित खबरें
पत्नी समेत ससुराल के 7 लोगों की हत्या, कैब ड्राइवर ने कैसे रची साजिश?
1 hr agoपत्नी को था पति पर शक, तो सनक में पड़ोसी महिला-बेटी को जिंदा जलाकर मार डाला
16 hrs agoरील की सनक! 'गेम' के बहाने आंखों पर बांधी पट्टी, फिर पेट्रोल छिड़क लगाई आग
20 hrs agoगले में फूलों की माला, बोनट पर जश्न; जमानत मिलने पर हत्या के आरोपी का वेलकम
1 day agoबेटी के साथ कर्मचारी को देख आगबबूला हुआ पिता, पीट-पीटकर कर दी हत्या
2 days agoमहादेव बेटिंग ऐप का को-फाउंडर रवि उप्पल UAE से गिरफ्तार, अब भारत लाया जाएगा
2 days agoयूट्यूब की मदद से नकली नोट छापना सीखा, पुलिस के हत्थे चढ़ा, 6.78 करोड़ जब्त
2 days agoदिनदहाड़े दुकान में महिला के हाथों को ग्लू से चिपकाया, लूट ले गया गोल्ड चेन
3 days agoदोस्त का कत्ल कर सो नहीं पाया, 20 दिनों तक सपने में दिखा; फिर कबूला जुर्म
3 days agoकौन है हैरी बॉक्सर उर्फ हरिचंद? एक्टर तुषार कपूर को दी जान से मारने की धमकी
4 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines