Blue Drum Murder Case: मेरठ की एक अदालत 14 अक्टूबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के लिए सजा का ऐलान करने वाली है. इन दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या करने और उनके शरीर के टुकड़ों को सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाने का दोषी ठहराया गया है. सजा तय करने से पहले, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा दोनों दोषियों को अपना आखिरी बयान देने का मौका देंगे.
जेल में क्या कर रहे दोनों आरोपी?
जेल सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सजा सुनाए जाने से पहले जेल में मुस्कान का बिहेवियर पूरी तरह चेंज हो चुका है, पिछले कुछ दिनों से सौरभ राजपूत की पत्नी लगातार पूजा पाठ कर रही हैं. वहीं उसके बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला कोर्ट के फैसले से पहले बेहद परेशान है, उसने अपने सभी साथी कैदियों से बातचीत बंद कर दी है. गौरतलब है कि दोनों आरोपियों की जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी.
30 सितंबर को दोषी ठहराया गया था
ये फैसला हत्या के 589 दिन बाद, 126 अदालती सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों के बाद आया है. पुलिस ने लगभग 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की मिलकर हत्या करने और उसके शरीर के अंगों को नीले ड्रम में रखकर सबूत मिटाने की कोशिश करने का दोषी माना था. सुनवाई के दौरान, जज ने कहा कि इतने गंभीर अपराध समाज में डर पैदा करते हैं और न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा कम करते हैं. उन्होंने जोर दिया कि अदालतों को आरोपियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हुए न्याय सुनिश्चित करना चाहिए.
सौरभ की मां ने मौत की सजा की मांग की
सौरभ की मां ने दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर निचली अदालत मौत की सजा नहीं देती है, तो परिवार सुप्रीम कोर्ट जाएगा. उन्होंने कहा कि न्याय के लिए उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें वह सजा नहीं मिल जाती जिसे वे सही मानते हैं. जुलाई 2025 में शुरू हुए इस मुकदमे के दौरान 3 जिला जज बदले गए.
हत्या का पता कैसे चला?
सौरभ मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी थे और लंदन से लौटे थे, उनकी हत्या 3 मार्च 2025 को कर दी गई थी. अभियोजन पक्ष के मुताबिक मुस्कान और साहिल ने धारदार हथियारों से उनकी हत्या की, फिर उनके शरीर के टुकड़े किए और अवशेषों को सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया. जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर चाकू, रेजर, सीमेंट और ड्रम जैसी चीजें पहले ही खरीद ली थीं. हत्या के बाद, मुस्कान कथित तौर पर शिमला और मनाली घूमने गई और इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करती रही, जिससे ऐसा लगा कि वो ट्रैवल कर रही है. ये अपराध 18 मार्च को तब सामने आया जब सौरभ का भाई राहुल घर पहुंचा. संदिग्ध हालात और बदबू की वजह से आगे जांच की गई, जिससे पुलिस को हत्या का पता चला. इसके बाद फोरेंसिक सबूतों और गवाहों के बयानों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत किया.
कितनी सजा मिल सकती है?
सौरभ राजपूत मर्डर केस में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर BNS की धारा 103(1) और धारा 238 के तहत आरोप लगाए गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि उन्हें क्या सजा हो सकती है? भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत, हत्या के लिए फांसी या उम्रकैद और साथ में जुर्माना हो सकता है. धारा 238 सबूत छिपाने या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देने से जुड़ा है. अगर असल अपराध के लिए मौत की सजा का प्रावधान है, तो इस धारा के तहत 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. अदालत तथ्यों, सबूतों और लागू कानून के आधार पर सही सजा तय करती है.