पूजा-पाठ कर रही मुस्कान, साहिल ने बनाई कैदियों से दूरी… नीला ड्रम हत्याकांड में आज दोनों की सजा का फैसला

Saurabh Rajput Murder Case: सौरभ राजपूत मर्डर केस के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को बुधवार के दिन मेरठ की अदालत में सजा सुनाई जाएगी. ये हत्याकांड नीले ड्रम मर्डर के नाम से मशहूर हुआ था.

Sahil Muskan Blue Drum PTI

साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी (Photo-PTI)

Blue Drum Murder Case: मेरठ की एक अदालत 14 अक्टूबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के लिए सजा का ऐलान करने वाली है. इन दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या करने और उनके शरीर के टुकड़ों को सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाने का दोषी ठहराया गया है. सजा तय करने से पहले, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा दोनों दोषियों को अपना आखिरी बयान देने का मौका देंगे.

विज्ञापन

जेल में क्या कर रहे दोनों आरोपी?

जेल सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सजा सुनाए जाने से पहले जेल में मुस्कान का बिहेवियर पूरी तरह चेंज हो चुका है, पिछले कुछ दिनों से सौरभ राजपूत की पत्नी लगातार पूजा पाठ कर रही हैं. वहीं उसके बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला कोर्ट के फैसले से पहले बेहद परेशान है, उसने अपने सभी साथी कैदियों से बातचीत बंद कर दी है. गौरतलब है कि दोनों आरोपियों की जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होगी.

विज्ञापन

30 सितंबर को दोषी ठहराया गया था

ये फैसला हत्या के 589 दिन बाद, 126 अदालती सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों के बाद आया है. पुलिस ने लगभग 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की मिलकर हत्या करने और उसके शरीर के अंगों को नीले ड्रम में रखकर सबूत मिटाने की कोशिश करने का दोषी माना था. सुनवाई के दौरान, जज ने कहा कि इतने गंभीर अपराध समाज में डर पैदा करते हैं और न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा कम करते हैं. उन्होंने जोर दिया कि अदालतों को आरोपियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हुए न्याय सुनिश्चित करना चाहिए.

सौरभ की मां ने मौत की सजा की मांग की

सौरभ की मां ने दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर निचली अदालत मौत की सजा नहीं देती है, तो परिवार सुप्रीम कोर्ट जाएगा. उन्होंने कहा कि न्याय के लिए उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें वह सजा नहीं मिल जाती जिसे वे सही मानते हैं. जुलाई 2025 में शुरू हुए इस मुकदमे के दौरान 3 जिला जज बदले गए.

विज्ञापन

हत्या का पता कैसे चला?

सौरभ मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी थे और लंदन से लौटे थे, उनकी हत्या 3 मार्च 2025 को कर दी गई थी. अभियोजन पक्ष के मुताबिक मुस्कान और साहिल ने धारदार हथियारों से उनकी हत्या की, फिर उनके शरीर के टुकड़े किए और अवशेषों को सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया. जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर चाकू, रेजर, सीमेंट और ड्रम जैसी चीजें पहले ही खरीद ली थीं. हत्या के बाद, मुस्कान कथित तौर पर शिमला और मनाली घूमने गई और इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करती रही, जिससे ऐसा लगा कि वो ट्रैवल कर रही है. ये अपराध 18 मार्च को तब सामने आया जब सौरभ का भाई राहुल घर पहुंचा. संदिग्ध हालात और बदबू की वजह से आगे जांच की गई, जिससे पुलिस को हत्या का पता चला. इसके बाद फोरेंसिक सबूतों और गवाहों के बयानों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत किया.

विज्ञापन

कितनी सजा मिल सकती है?

सौरभ राजपूत मर्डर केस में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर BNS की धारा 103(1) और धारा 238 के तहत आरोप लगाए गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि उन्हें क्या सजा हो सकती है? भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत, हत्या के लिए फांसी या उम्रकैद और साथ में जुर्माना हो सकता है. धारा 238 सबूत छिपाने या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देने से जुड़ा है. अगर असल अपराध के लिए मौत की सजा का प्रावधान है, तो इस धारा के तहत 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. अदालत तथ्यों, सबूतों और लागू कानून के आधार पर सही सजा तय करती है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ