नई दिल्ली: अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो आज मंगलवार यानी 14 जुलाई 2026 की सुबह आपके पोर्टफोलियो के लिए थोड़ी मायूसी भरी रही। घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार से ही भारी बिकवाली (Selling Pressure) देखने को मिल रही है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े इंडेक्स लाल निशान पर आ गए।
सुबह करीब 9:47 बजे, BSE सेंसेक्स 474.23 अंक (0.61%) की गिरावट के साथ 77,142.17 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 135.45 अंक (0.56%) टूटकर 24,075.55 पर आ गया। अगर आप सोच रहे हैं कि अचानक बाजार में यह गिरावट क्यों आई, तो आइए इसके पीछे की बड़ी वजहों को बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
किन सेक्टर्स में है सबसे ज्यादा गिरावट?
आज बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है:
सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर्स: निफ्टी रियल्टी (1.65%), ऑटो (1.57%), फाइनेंशियल सर्विसेज (1.49%) और पीएसयू बैंक (1.28%) आज के सबसे बड़े लूजर्स हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
बढ़त वाले सेक्टर्स: इस गिरावट के माहौल में भी फार्मा (0.77%), हेल्थकेयर (0.69%), मेटल (0.67%) और एफएमसीजी (0.23%) सेक्टर्स हरे निशान पर यानी मजबूती के साथ टिके हुए हैं।
शेयर बाजार गिरने के 3 मुख्य कारण
ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों और कुछ बड़ी घटनाओं की वजह (Key Reasons for Decline) से आज निवेशकों में डर का माहौल है:
- अमेरिका और ईरान में बढ़ा तनाव (Geopolitical Tensions)
पश्चिम एशिया (West Asia) में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर फिर से नाकाबंदी लागू कर दी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए 20% फीस का प्रस्ताव रखा है। इस वजह से दुनिया भर के बाजारों में डर का माहौल है। Petrol Diesel Price Today: सुबह-सुबह लग गया झटका या मिली राहत? पेट्रोल-डीजल के जारी हुए नए रेट, जानें अपने शहर का भाव - कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग (Crude Oil Price Surge)
तनाव बढ़ने के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अचानक तेजी से बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो कि पिछले एक महीने का सबसे ऊपरी स्तर है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात (Import) करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं माना जाता। - इंडिया विक्स (India VIX) में उछाल, बढ़ा डर
बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों के डर को मापने वाला इंडेक्स यानी India VIX (जिसे फियर गेज भी कहते हैं) आज 3.84% बढ़कर 13.79 के स्तर पर पहुंच गया है। इसका बढ़ना यह दिखाता है कि निवेशक इस समय बाजार को लेकर काफी सतर्क हैं और नया पैसा लगाने से बच रहे हैं।
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