Vote From Home Process And Eligibility: देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 की वोटिंग डेट का ऐलान हो चुका है। इस बार आम चुनाव 7 चरणों में होंगे, जो 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक चलेंगे। भारत में करोड़ों वोटर हैं जो इस बार मतदान करेंगे। ऐसे में, कुछ मतदाताओं को घर से ही वोटिंग करने की रियायत दी गई है। जानिए घर से वोट डालने का प्रोसेस और कौन पात्र है?
कौन डाल सकता है घर से वोट?
चुनाव आयोग द्वारा 85 साल से ज्यादा की उम्र वाले मतदाताओं (Senior citizens above 85 years) को घर से ही डाक मतपत्र के जरिए मतदान करने का ऑप्शन दिया गया है। यह सुविधा 40 परसेंट से ज्यादा दिव्यांगता (Persons with Disabilities) वाले लोगों के लिए भी दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, हमेशा से देखा गया है कि वरिष्ठ नागरिक चुनावी प्रोसेस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहते हैं लेकिन उन्हें इलेक्शन बूथ तक जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस वजह से चुनाव आयोग द्वारा उनके लिए घर से वोट डालने का ऑप्शन दिया गया है।
घर बैठे वोट डालने का प्रोसेस
घर बैठे वोट डालने का प्रोसेस बेहद आसान है। कलेक्टर वोटिंग की तय तारीख से पहले इस तरह के मतदान के लिए एक डेट तय करते हैं। वोटिंग की तय तारीख से पहले इन लोगों से मतदान करवाया जाता है। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही डाक मतपत्र दिया जाता है।
इसमें वे अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं। इस दौरान चुनाव अधिकारी, एक वीडियोग्राफर और पुलिस भी मौजूद होते हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। इस प्रोसेस में प्राइवेसी के लिए पार्टिशन भी होता है। पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट का समय लगता है और वोट डाक मतपत्रों से गिने जाते हैं।
घर से वोट डालने के लिए कहां आवेदन करें?
अगर आपके घर में कोई वरिष्ठ नागरिक या दिव्यांग वोट डालना चाहते है, तो चुनाव अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के अंदर इलेक्शन कमीशन के पास फॉर्म 14डी देना होगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, देशभर में 10 मार्च 2024 तक 85 साल से ऊपर के 81.87 लाख वरिष्ठ नागरिक वोटर थे। वहीं, 100 साल पार कर चुके मतदाताओं की संख्या 2.18 लाख थी। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 88.35 लाख की थी।