नई दिल्ली: आज के समय में चाय की दुकान से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक, हर जगह हम स्कैन एंड पे यानी UPI का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के इस डिजिटल पेमेंट बाजार पर किस ऐप का सबसे ज्यादा कब्जा है? हाल ही में आए एनपीसीआई (NPCI) के ताजा आंकड़ों ने यह पूरी तस्वीर साफ कर दी है.
अगर आप जानना चाहते हैं कि PhonePe, Google Pay और Paytm में से बाजी किसने मारी है, तो यह खबर आपके लिए ही है. आइए समझते हैं कि कौन सा ऐप इस समय भारत का नंबर वन UPI प्लेटफॉर्म बना हुआ है और साथ ही डिजिटल पेमेंट की दुनिया से जुड़ी एक और बड़ी खबर क्या है.
मार्केट शेयर में किसने मारी बाजी?
NPCI के मई के आंकड़ों के अनुसार, ट्रांजैक्शन वॉल्यूम (लेन-देन की संख्या) के मामले में बाजार का हाल कुछ ऐसा है:
नंबर 1 पर PhonePe: भारतीय UPI बाजार में PhonePe इस समय सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है. अकेले इस ऐप के पास 46.1% की भारी हिस्सेदारी है.
नंबर 2 पर Google Pay: गूगल पे दूसरे स्थान पर मजबूती से टिका हुआ है. बाजार में इसका शेयर 32.8% है.
नंबर 3 पर Paytm: कभी डिजिटल पेमेंट्स की शुरुआत करने वाले पेटीएम का मार्केट शेयर इस समय 7.8% के स्तर पर आ गया है.
इन आंकड़ों से साफ है कि देश के करीब आधे यूपीआई ट्रांजैक्शन अकेले PhonePe के जरिए हो रहे हैं, जबकि Google Pay भी इसे कड़ी टक्कर दे रहा है.
क्या अब UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
मार्केट शेयर के अलावा डिजिटल पेमेंट की दुनिया से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. NPCI अब बड़े कारोबारियों (Large Businesses) के लिए UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी एक तरह की फीस को फिर से लागू करने पर विचार कर रहा है. आइए समझते हैं कि यह नियम क्या है और इस पर किसका असर पड़ेगा:
किसे देना होगा चार्ज: यह नियम सिर्फ उन बड़े बिजनेसेज पर लागू करने का प्रस्ताव है जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है.
2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन: यह फीस खास तौर से 2000 रुपये से अधिक मूल्य के लेन देन पर लागू की जा सकती है.
आम जनता और छोटे व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित: अगर आप एक आम यूजर हैं जो दोस्तों को पैसे ट्रांसफर करते हैं (P2P), या फिर आप किसी छोटी दुकान/फेरीवाले को भुगतान करते हैं, तो आपको कोई चार्ज नहीं देना होगा. छोटे व्यापारियों और कम मूल्य के लेन-देन को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है.
बता दें कि जनवरी 2020 से देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई पर एमडीआर (MDR) को शून्य कर दिया गया था. लेकिन अब ऑनलाइन पेमेंट इंडस्ट्री की चिंताओं को दूर करने के लिए इसे दोबारा आंशिक रूप से लागू करने की तैयारी है. इससे बैंकों और पेमेंट गेटवे से जुड़ी कंपनियों जैसे कि One 97 Communications और Mobikwik को फायदा होने की उम्मीद है.
संबंधित खबरें
New Property Tax : हरियाणा में 11 अक्टूबर से लागू होगा नया प्रॉपर्टी टैक्स, जानिए 10 अक्टूबर तक कैसे उठाएं छूट का फायदा
46 mins ago2 October No UPI Day: 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे', दुकानों पर काले कपड़े से ढके रहेंगे QR कोड, जेब में रखें कैश
52 mins agoGandhi Jayanti Bank Holiday: आज बैंक रहेंगे बंद, देखें अक्टूबर महीने की RBI Bank Holidays की पूरी लिस्ट
1 hr agoBank Holiday: क्या कल गांधी जयंती पर खुलेंगे बैंक? जानिए एटीएम और यूपीआई से जुड़े नियम
17 hrs agoWedding Gift Income Tax Rules: शादी में मिले 10 लाख रुपये के तोहफे पर क्या लगेगा टैक्स? जानिए इनकम टैक्स का नियम
19 hrs agoShare Bazar Crash: सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिरा, निफ्टी 300 से ज्यादा टूटा
19 hrs agoNew Rules From Today: एलपीजी, एसबीआई एटीएम, दिल्ली बस यात्रा से लेकर NPS तक, आज से लागू हुए ये बड़े बदलाव
20 hrs agoATF Price Hike: 16 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ हवाई ईंधन, त्योहारी सीजन में उड़ानों का किराया बढ़ने के आसार
21 hrs agoNo PUC No Fuel Rule Delhi NCR: 1 अक्टूबर से बिना पीयूसी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जानिए पीयूसी टेस्ट के नए नियम
23 hrs agoLPG Subsidy Rules Changed: आज से बदल गया गैस सब्सिडी का नियम, बिना ई-केवाईसी नहीं मिलेगा सब्सिडी का पैसा
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines