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PhonePe, Paytm या Google Pay? जानिए किस ऐप से भारतीय करते हैं सबसे ज्यादा UPI पेमेंट, आ गए नए आंकड़े

UPI Market Share and New Rules 2026: PhonePe, Google Pay और Paytm के लेटेस्ट मार्केट शेयर के आंकड़े क्‍या हैं? साथ ही समझें क‍ि NPCI के बड़े बिजनेसेज के लिए UPI ट्रांजैक्शन पर फीस लगाने का नया प्रस्ताव क्या है.

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UPI Market Share: किसके पास हैं सबसे ज्यादा UPI यूजर्स? PhonePe, Google Pay या Paytm, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

नई दिल्ली: आज के समय में चाय की दुकान से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक, हर जगह हम स्कैन एंड पे यानी UPI का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के इस डिजिटल पेमेंट बाजार पर किस ऐप का सबसे ज्यादा कब्जा है? हाल ही में आए एनपीसीआई (NPCI) के ताजा आंकड़ों ने यह पूरी तस्वीर साफ कर दी है.

अगर आप जानना चाहते हैं कि PhonePe, Google Pay और Paytm में से बाजी किसने मारी है, तो यह खबर आपके लिए ही है. आइए समझते हैं कि कौन सा ऐप इस समय भारत का नंबर वन UPI प्लेटफॉर्म बना हुआ है और साथ ही डिजिटल पेमेंट की दुनिया से जुड़ी एक और बड़ी खबर क्या है.

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मार्केट शेयर में किसने मारी बाजी?

NPCI के मई के आंकड़ों के अनुसार, ट्रांजैक्शन वॉल्यूम (लेन-देन की संख्या) के मामले में बाजार का हाल कुछ ऐसा है:

नंबर 1 पर PhonePe: भारतीय UPI बाजार में PhonePe इस समय सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है. अकेले इस ऐप के पास 46.1% की भारी हिस्सेदारी है.

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नंबर 2 पर Google Pay: गूगल पे दूसरे स्थान पर मजबूती से टिका हुआ है. बाजार में इसका शेयर 32.8% है.

नंबर 3 पर Paytm: कभी डिजिटल पेमेंट्स की शुरुआत करने वाले पेटीएम का मार्केट शेयर इस समय 7.8% के स्तर पर आ गया है.

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इन आंकड़ों से साफ है कि देश के करीब आधे यूपीआई ट्रांजैक्शन अकेले PhonePe के जरिए हो रहे हैं, जबकि Google Pay भी इसे कड़ी टक्कर दे रहा है.

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क्या अब UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?

मार्केट शेयर के अलावा डिजिटल पेमेंट की दुनिया से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. NPCI अब बड़े कारोबारियों (Large Businesses) के लिए UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी एक तरह की फीस को फिर से लागू करने पर विचार कर रहा है. आइए समझते हैं कि यह नियम क्या है और इस पर किसका असर पड़ेगा:

किसे देना होगा चार्ज: यह नियम सिर्फ उन बड़े बिजनेसेज पर लागू करने का प्रस्ताव है जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है.

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2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन: यह फीस खास तौर से 2000 रुपये से अधिक मूल्य के लेन देन पर लागू की जा सकती है.

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आम जनता और छोटे व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित: अगर आप एक आम यूजर हैं जो दोस्तों को पैसे ट्रांसफर करते हैं (P2P), या फिर आप किसी छोटी दुकान/फेरीवाले को भुगतान करते हैं, तो आपको कोई चार्ज नहीं देना होगा. छोटे व्यापारियों और कम मूल्य के लेन-देन को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है.

बता दें कि जनवरी 2020 से देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई पर एमडीआर (MDR) को शून्य कर दिया गया था. लेकिन अब ऑनलाइन पेमेंट इंडस्ट्री की चिंताओं को दूर करने के लिए इसे दोबारा आंशिक रूप से लागू करने की तैयारी है. इससे बैंकों और पेमेंट गेटवे से जुड़ी कंपनियों जैसे क‍ि One 97 Communications और Mobikwik को फायदा होने की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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