Union Budget 2024 : इलाज कराना सस्ता हो सकता है। सरकार बजट में कुछ ऐसी घोषणा कर सकती है जिससे इलाज का खर्च न केवल सस्ता होगा बल्कि हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस आदि का प्रीमियम भी कम हो जाएगा। हेल्थ सेक्टर से जुड़े कई लोग इस बारे में सरकार से मांग कर चुके हैं। इसे देखते हुए सरकार 23 जुलाई को घोषित होने वाले बजट में कुछ रियायत दे सकती है।
किन चीजों में मिल सकती है छूट
1. इंश्योरेंस पर GST में छूट
हेल्थ इंश्योरेंस हो या टर्म इंश्योरेंस, इन्हें लेना अब काफी महंगा हो गया है। वहीं इन इंश्योरेंस पर 18 फीसदी GST भी लगता है, जिसकी वजह से इंश्योरेंस का प्रीमियम और महंगा हो जाता है। एक्सपर्ट का कहना है कि इंश्योरेंस में लगने वाले GST को कम किया जाए, ताकि इसकी पहुंच ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हो।
कन्फेडरेशन ऑफ जनरल इंश्योरेंस ऐजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CGIAI) ने भी मांग रखी है कि हेल्थ इंश्योरेंस पर लगने वाले GST को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जाए। CGIAI के संयोजक लोकेश केसी के मुताबिक पिछले कुछ समय से इलाज कराना काफी महंगा हो गया है। अगर प्रीमियम पर GST कम होता है तो इससे इंश्योरेंस लेने वालों को फायदा होगा।

हेल्थ सेक्टर में मिल सकती हैं कई रियायत।
2. 80D में छूट सीमा बढ़ाना
इनकम टैक्स की धारा 80D के तहत अभी सामान्य लोगों को इलाज में 25 हजार रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। माना जा रहा है कि इस छूट सीमा को बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जाए। वहीं सीनियर सिटीजंस के मामले में यह छूट 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि सीनियर सिटीजंस के इलाज में औसतन ज्यादा रकम खर्च होती है।
3. आयुष्मान योजना में बढ़ सकता है कवर
बजट में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत कवर को बढ़ाकर दोगुना किया जा सकता है। अभी इस पर पात्र शख्स को 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता है। अगर इसे दोगुना किया जाता है तो पात्र उम्मीदवार 10 लाख रुपये तक का इलाज फ्री में करा सकेगा। साथ ही इस योजना में 70 साल तक के सभी बुजुर्गों को भी शामिल किया जा सकता है। सरकार ने इस साल पेश किए अंतरिम बजट में भी इसके लिए आवंटन बढ़ाया था।
4. हेल्थ सेक्टर के लिए ज्यादा हिस्सा
इस बार हेल्थ सेक्टर के लिए वित्त मंत्री कुछ ज्यादा रियायत दे सकती हैं। दरअसल, हेल्थ सेक्टर की मांग रही है कि सरकार इस सेक्टर के लिए अपनी झोली थोड़ी और खोले ताकि रिसर्च में तेजी आए और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके। इससे आम इंसान की अस्पताल तक पहुंच और आसान होगी और उसे बेहतर इलाज मुहैया होगा। पिछले साल बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए 86,175 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह उससे पिछली साल से 16 फीसदी ज्यादा रकम थी। हेल्थ सेक्टर को उम्मीद है कि बजट में इस बार और ज्यादा रकम मिलेगी। यह बढ़कर GDP का 2.5 फीसदी हो सकती है।