अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा फैसले ने भारतीय फार्मा सेक्टर (Pharma Sector) में हलचल मचा दी है। ट्रंप प्रशासन ने उन पेटेंटेड दवाओं (Patented Drugs) और कच्चा माल (API) पर 100% तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा की है, जो अमेरिकी सरकार के साथ प्राइसिंग डील नहीं करेंगी या अपना प्रोडक्शन अमेरिका शिफ्ट नहीं करेंगी। भारत, जो दुनिया की फार्मेसी कहलाता है, इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होने वाला है। आइए आसान भाषा में समझते हैं इस पूरी खबर का मतलब:
क्या है ट्रंप का नया नियम?
ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करने का वादा करेंगी, उन्हें शुरुआत में 20% टैरिफ देना होगा (जो 2030 तक बढ़कर 100% हो जाएगा)। लेकिन जो कंपनियां न तो अमेरिका में फैक्ट्री लगाएंगी और न ही उनकी कीमतों की शर्तों को मानेंगी, उन्हें सीधे 100% टैक्स देना होगा।
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भारत ने अभी तक अमेरिका के साथ न तो रिशोरिंग एग्रीमेंट (उत्पादन शिफ्ट करने का समझौता) साइन किया है और न ही मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) प्राइसिंग डील की है। इसलिए भारतीय कंपनियां अभी रडार पर हैं।
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भारतीय कंपनियों के लिए अच्छी खबर क्या है?
फिलहाल भारतीय फार्मा एक्सपोर्टर्स के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि जेनेरिक दवाओं (Generic Medicines) और बायोसिमिलर प्रोडक्ट्स को इस टैरिफ से बाहर रखा गया है। वाइट हाउस ने 2 अप्रैल को जारी बयान में कहा है कि फिलहाल जेनेरिक दवाओं पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। भारत के कुल फार्मा एक्सपोर्ट का 34% हिस्सा अकेले अमेरिका जाता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 10.5 अरब डॉलर की दवाएं भेजीं, जिनमें से ज्यादातर सस्ती जेनेरिक दवाएं थीं।
भविष्य की बड़ी चिंता: 1 साल का कड़ा पहरा
भले ही अभी जेनेरिक दवाओं को छूट मिली है, लेकिन खतरा टला नहीं है। अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी ने संकेत दिए हैं कि वे अगले 1 साल तक जेनेरिक दवाओं के आयात के स्तर की बारीकी से जांच (Scrutiny) करेंगे। अमेरिका का मकसद दवाओं के लिए दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता कम करना है। अगर 1 साल बाद उन्हें लगा कि आयात बहुत ज्यादा है, तो जेनेरिक दवाओं पर भी गाज गिर सकती है।
अब आगे क्या होगा?
जिन भारतीय फार्मा कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिका में है, उन्हें अब अपनी रणनीति बदलनी होगी। उन्हें न केवल अपनी सप्लाई चैन पर नजर रखनी होगी, बल्कि अमेरिकी रेगुलेटरी जांच के लिए भी तैयार रहना होगा।