दिल्ली में 80 रुपये किलो का टमाटर, 52 रुपये में बेच रही सरकार; खरीदना चाहते हैं तो पहुंच जाइए यहां

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में टमाटर की कुल उत्पादन क्षमता में कमी आई है. 2024-25 के लिए टमाटर उत्पादन का अनुमान 19.46 मिलियन टन है, जो पिछले साल के 21.32 मिलियन टन से कम है. बेमौसम बारिश के कारण कर्नाटक में करीब 765 हेक्टेयर टमाटर की फसल खराब हुई है.

Tomatoes

Tomato Price: महंगाई के इस दौर में दिल्लीवालों को टमाटर की बढ़ी कीमतों ने और परेशान कर दिया है. राजधानी में इन दिनों 80 रुपये किलो टमाटर मिल रहा है, जिसकी वजह से कई घरों में सब्जियों का स्वाद फीका पड़ने लगा है. टमाटर की बढ़ी कीमतों से राहत दिलाने के लिए अब सरकार खुद की सस्ती दुकान शुरू कर दी है. टमाटर की बढ़ी कीमतों के बीच सरकार इसे सिर्फ 52 रुपये किलो में बेच रही है ताकि आम जनता को महंगाई से राहत मिल सके. रसोई की शान टमाटर इन दिनों ज्यादा ही ‘लाल’ हो चला है. इस बढ़ती महंगाई का मुख्य कारण हाल ही में आए ‘मोंथा’ चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के टमाटर उत्पादक क्षेत्रों में हुई फसल क्षति है.

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अचानक क्यों बढ़ी टमाटर की कीमतें?


पिछले महीने आए ‘मोंथा’ चक्रवात ने देश के टमाटर उत्पादक क्षेत्रों, खासकर आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में, फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इस नुकसान का सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ा, जिससे थोक और खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतें आसमान छूने लगीं. सरकार ने उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के निर्देशों के तहत ‘जनता’ ब्रांड के टमाटर को रियायती दर पर बाजार में उपलब्ध कराया है.

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कहां खरीद सकते हैं 52 रुपये किलो टमाटर?


‘जनता’ ब्रांड के टमाटरों को 52 रुपये प्रति किलो के रियायती दाम पर बेचना शुरू कर दिया है. यह रियायती बिक्री NCR के प्रमुख क्षेत्रों जैसे कृषी भवन, बाराखंभा रोड, साकेत, मालवीय नगर, पटेल चौक, आरके पुरम, नेहरू प्लेस, रोहिणी, द्वारका और नोएडा में मोबाइल वैन और काउंटरों के माध्यम से की जा रही है, ताकि आम उपभोक्ता आसानी से इसका लाभ उठा सकें. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले लिया गया है और इसका उद्देश्य महंगाई पर नियंत्रण रखना है. सरकार का मानना है कि जब तक कीमतें 40-50 रुपये प्रति किलो के दायरे में नहीं आतीं, तब तक यह रियायती बिक्री जारी रहेगी.

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कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में टमाटर की कुल उत्पादन क्षमता में कमी आई है. 2024-25 के लिए टमाटर उत्पादन का अनुमान 19.46 मिलियन टन है, जो पिछले साल के 21.32 मिलियन टन से कम है. बेमौसम बारिश के कारण कर्नाटक में करीब 765 हेक्टेयर टमाटर की फसल खराब हुई है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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