हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Black Day on April 1: ट्रेड यूनियंस ने फूंका विरोध का बिगुल; 1 अप्रैल को मनाएंगे नए लेबर कोड्स के खिलाफ देशव्यापी काला दिवस

भारत के श्रम इतिहास में 1 अप्रैल 2026 की तारीख एक बड़े टकराव के रूप में दर्ज होने जा रही है। जहां एक ओर सरकार नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के जरिए व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर देश के तमाम प्रमुख श्रमिक संगठनों ने इसे मजदूर विरोधी करार देते हुए काला दिवस मनाने का ऐलान किया है।

विज्ञापन
1 अप्रैल को लेबर यून‍ियन मनाएंगे ब्‍लैक डे

नई दिल्ली: केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच (Joint Platform of Central Trade Unions) ने 1 अप्रैल 2026 को पूरे देश में काला दिवस मनाने का आह्वान किया है। यह विरोध प्रदर्शन सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 से लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं (वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा संहिता) के खिलाफ है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि ये नए कानून पूरी तरह से नियोक्ता समर्थक (Pro-Employer) हैं और इन्हें बनाने के दौरान मजदूरों के हितों को ताक पर रखा गया है।

संगठनों का कहना है कि ये कोड श्रमिकों के संगठन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी (Collective Bargaining) के अधिकार को कमजोर करते हैं। ट्रेड यूनियंस का दावा है कि ये कानून श्रमिकों को फिर से औपनिवेशिक काल जैसी शोषणकारी परिस्थितियों की ओर धकेल देंगे। आरोप है कि सरकार ने इन कानूनों का मसौदा तैयार करते समय श्रमिक संगठनों से कोई सार्थक चर्चा नहीं की, जो अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का उल्लंघन है।

कैसे मनाया जाएगा काला दिवस?

1 अप्रैल को देशभर के सभी कार्यस्थलों (फैक्ट्रियों, दफ्तरों और खदानों) पर विरोध के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। श्रमिक अपनी वर्दी पर काले बैज लगाएंगे या माथे और बांह पर काली पट्टी बांधेंगे। लंच ब्रेक के दौरान कार्यस्थलों पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की जाएगी। कई राज्यों में धरना, पैदल जुलूस, साइकिल और मोटरसाइकिल रैलियां निकालने की भी योजना है।

विज्ञापन

किन संगठनों का है समर्थन?
इस विरोध प्रदर्शन को देश के लगभग सभी बड़े श्रमिक संगठनों का साथ मिला है, जिनमें AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, SEVA, AICCTU, LPF और UTUC प्रमुख हैं। खास बात यह है कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी इस ‘काला दिवस’ को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

सरकार का रुख
सरकार का तर्क है कि ये सुधार 29 जटिल कानूनों को सरल बनाने के लिए किए गए हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पारदर्शिता आएगी। हालांकि, 12 फरवरी 2026 को हुई ऐतिहासिक आम हड़ताल के बाद भी सरकार और यूनियंस के बीच बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकल पाया है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola