Relief For Suzlon Energy: शेयर बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले स्टॉक्स में सुजलॉन एनर्जी का नाम भी शामिल है। इस शेयर ने 2024 में अब तक करीब 60% का रिटर्न दिया है, लेकिन बीते कुछ दिनों से नरमी का माहौल है। आज यानी 30 दिसंबर को भी यह गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। मगर अब इस तस्वीर के बदलने की पूरी संभावना है।
ट्रिब्यूनल से मिली है राहत
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी के सिर से करीब 173 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का खतरा टल गया है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने जुर्माने के मामले में उसके पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके साथ ही पेनल्टी ऑर्डर को रद्द कर दिया गया है। लिहाजा, माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कंपनी के शेयर वापस ग्रीन जोन में पहुंच सकते हैं।
जनवरी से अब तक ऐसी है चाल
सुजलॉन एनर्जी पर आयकर विभाग की ओर से 172.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कंपनी ने फैसले को इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में चुनौती दी, अब ट्रिब्यूनल ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया है। इस भारी-भरकम जुर्माने की तलवार हटने से कंपनी के शेयरों के फिर से दौड़ने की संभावना बन गई है। इस साल 1 जनवरी को यह शेयर 38.50 रुपये पर चल रहा था और आज इसकी कीमत करीब 61.26 रुपये है।
Tulsi Tanti फाउंडर
भारत के विंडमैन कहे जाने वाले दिवंगत तुलसी तांती (Tulsi Tanti) ने इस कंपनी को खड़ा किया था। तांती का 2022 में हार्ट अटैक के कारण 64 वर्षीय की उम्र में निधन हो गया, लेकिन इससे पहले वह अपनी कंपनी को ऊंचाइयां छूते हुए देख चुके थे। इस कंपनी ने महज थोड़े से समय में ही रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है।
ऐसी अस्तित्व में आई कंपनी
तुलसी तांती मूल रूप से कपड़ा व्यवसायी थे और बिजली की कमी के चलते उत्पादन में आने वाली कठनाइयों से परेशान रहते थे। 1995 में उन्होंने कपड़ा कंपनी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विंड एनर्जी सेक्टर में उतरने का फैसला लिया और इस तरह सुजलॉन एनर्जी अस्तित्व में आई। तांती ने 2001 में कपड़ा व्यवसाय को बेच दिया और पूरी तरह से इस बिजनेस पर उतर आये। सुजलॉन को 2003 में 24 टर्बाइनों की आपूर्ति के लिए डैनमार एंड एसोसिएट्स से अपना पहला ऑर्डर मिला था। इस पुणे बेस्ड इंडियन मल्टीनेशनल विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर की ऑर्डर बुक फिलहाल मजबूत बनी हुई है।