हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

12 साल की उम्र में कम्प्यूटर कैफे में किया काम, 14 की उम्र में बन गए सफल युवा CEO, जानें सुहास गोपीनाथ की कहानी

विज्ञापन
Suhash Gopinath

Suhas Gopinath Success Story : काबिलियत किसी भी उम्र की मोहताज नहीं होती। अगर आप के अंदर किसी न किसी तरह का एक बेहतरीन गुण है तो आप कोई भी काम किसी भी उम्र में कर सकते हैं। ऐसा ही कारनामा एक 14 साल उम्र के बच्चे ने कर दिखाया है। हम बात कर रहे हैं, ‘सुहास गोपीनाथ’ की। सुहास दुनिया के सबसे कम उम्र के CEO हैं। उन्होंने 14 वर्ष की उम्र में एक कपंनी की स्थापना कर दी थी। आइए जानते हैं, सुहास गोपीनाथ का CEO बनने तक का सफर..

Globals INC की शुरुआत

14 साल की उम्र में सुहास गोपीनाथ ने अपनी कपंनी का नाम Globals INC रखा। सुहास गोपीनाथ Globals INC के संस्थापक हैं। Globals INC का रजिस्ट्रेशन सुहास ने अमेरिका से करवाया था, क्योंकि भारत में 18 साल की कम उम्र के व्यक्ति को कपंनी रजिस्ट्रर करने का अधिकार नहीं है।

विज्ञापन

बैंग्लोर से प्रारंभिक शिक्षा

सुहास गोपीनाथ का जन्म कर्नाटक राज्य के बैंग्लोर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआत की शिक्षा बैंग्लोर स्थित एयर फोर्स स्कूल से हुई थीं। उनके पिताजी एम.आर. गोपीनाथ भारतीय सेना में एक रक्षा वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत थे।

कम्प्यूटर को जानने की ललक

पहली बार सुहास ने कम्प्यूटर के बारे में अपने दोस्तों से सुना था, जिसके बाद कम्प्यूटर के बारे में जानने की ललक सुहास के अंदर बढ़ने लगी और वह अपने घर ही के पास कम्प्यूटर साइबर कैफे जाने लगे, क्योंकि सुहास उस समय कम्प्यूटर नहीं खरीद सकते थे। सुहास अपना ज्यादातर समय कम्प्यूटर साइबर कैफे में ही बिताते थे और कम्प्यूटर के बारे में और अधिक जानने के लिए इच्छुक होने लगे। कम्प्यूटर कैफे एक निश्चित टाइम पर खुलता और बन्द हो जाता था। अपनी कम्प्यूटर के प्रति लगाव के लिए उन्होंने कम्प्यूटर कैफे के मालिक को एक आफर दिया कि उन्हें कैफे के बन्द समय में रहने दिया जाएं। वह साइबर कैफे का ध्यान रखेंगे और कैफे को चलाएंगे। इसके बदले उन्हें फ्री में Net Surfing करने को दिया जाए। साइबर कैफे का मालिक मान गया और सुहास 12 साल की उम्र में कैफे पर काम करने लगे।

विज्ञापन

वेब डिजाइनिंग की शुरुआत

साइबर कैफे में काम करते समय उनका झुकाव वेब डिजाइनिंग की ओर बढ़ा और उन्होंने वेब डिजाइनिंग सीखना शुरू कर दिया| इसके बाद उन्होंने वेबसाइट बनाना शुरू किया। पहली वेबसाइट उन्होंने फ्री में बनाई थी, क्योंकि उनके पास कोई रेफरेन्स नहीं था| उसके बाद दूसरी वेबसाइट बनाने के लिए 100 डॉलर मिले, जो उनकी पहली कमाई थी। 13 साल की उम्र में वे एक फ्रीलांस मार्केट पर वेब बिल्डर के रूप में रजिस्टर हो गए | उसके बाद कई कम्पनियां उन्हें अपना वेब डिजाइन बनाने के लिए Approach करने लगीं |

Globals INC का पहला टर्न ओवर

Globals INC कंपनी का पहले वर्ष का टर्न ओवर 1 लाख रुपये था, जो दूसरे साल बढ़कर 5 लाख रुपये हो गया |इसके बाद उन्होंने महसूस किया कि IT कम्पनियां US पर फोकस कर रही हैं | इसी सोच के साथ स्पेन तथा इटली में अपना ऑफिस खोल दिया |अब सुहास ने अपनी कम्पनी Globals INC को भारत में रजिस्टर करा लिया है। उन्होंने अपना ऑफिस उसी साइबर कैफे के बगल में खोला है, जहां से उन्होंने अपने करियर शुरुआत की थी।

विज्ञापन

10वीं में फेल

कंपनी के कामों में व्यस्त रहने के कारण वे अपनी पढ़ाई के लिए समय नहीं निकाल पाए, जिससे 10वीं. की गणित परीक्षा में फेल हो गए| जिसके बाद सुहास ने 4 महीने तक कंपनी का कोई काम नहीं किया, क्योंकि सुहास इससे पहले किसी भी परीक्षा में फेल नहीं हुए थे।

 

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola