Success Story Of Netflix : किराये पर सीडी देने से हुई थी शुरुआत, आज घर-घर पहुंची, 23 लाख करोड़ की हुई कंपनी

Success Story Of Netflix : OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। शहरी इलाकों में लगभग हर घर में पहुंच बना चुकी नेटफ्लिक्स पर कई वेब सीरीज काफी फेमस हैं। इन्हीं में से एक है कोटा फैक्टरी जिसका तीसरा सीजन आने वाला है। नेटफ्लिक्स की शुरुआत का आइडिया जिम में आया था।

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Success Story of Netflix

Success Story Of Netflix : एक्टर जितेंद्र कुमार इन दिनों OTT प्लेटफॉर्म पर छाए हुए हैं। हाल ही में उनकी वेब सीरीज पंचायत का तीसरा सीजन काफी पसंद किया गया है। जितेंद्र की एक और वेब सीरीज कोटा फैक्टरी का तीसरा सीजन आने वाला है। इस सीजन काे लेकर लोगों में चर्चा है और इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह सीजन OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आएगा। नेटफ्लिक्स इन दिनों अपने कंटेंट को लेकर काफी फेमस है। हाल ही में रिलीज हुईं कई मूवी भी नेटफ्लिक्स पर आ चुकी हैं। नेटफ्लिक्स आज जिस मुकाम पर है, उसकी शुरुआत सीडी किराये पर देने से हुई थी। यह अमेरिका की कंपनी है।

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जिम में आया था आइडिया

नेटफ्लिक्स को शुरू करने का आइडिया जिम में आया था। बात 1997 की है। एक दिन रीड हेस्टिंग वीडियो स्टोर से एक फिल्म की कैसेट किराये पर लाए थे। इसे वह समय पर लौटा नहीं पाए। जब वह उस सीडी को वापस करने गए तो स्टोर वाले ने उनसे लेट फीस के रूप में काफी रकम ले ली थी। इससे वह काफी निराश हुए। एक दिन जिम में एक्सरसाइज करते हुए उन्होंने सोचा कि जिम का रेवेन्यू मॉडल अच्छा है। एक महीने की फीस दो और महीने में जितनी चाहो उतनी एक्सरसाइज करो। और जब चाहो तब करो। उनके दिमाग में आइडिया आया कि ऐसा सब्सक्रिप्शन वाला मॉडल फिल्मों के लिए भी बनाना चाहिए जहां से कोई शख्स सीडी किराया एक बार ले और फिर वह जितनी बार चाहे, उसे देखे।

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1997 में हुई शुरुआत

रीड ने यह आइडिया अपने दोस्त मार्क रेंडोल्फ को बताया। मार्क को भी रीड का यह आइडिया पसंद आया। इसके बाद उन्होंने अगस्त 1997 में नेटफ्लिक्स नाम से कंपनी बनाई और लोगों को किराए पर सीडी देने का काम शुरू किया। उनकी कंपनी की सबसे खास बात थी कि यह लोगों को ऑन डिमांड उनके घर पर सीडी डिलीवर करती थी। कंपनी का यह तरीका लोगों के बीच में काफी पॉपुलर हो गया और नेटफ्लिक्स ने लोगों के बीच में अपनी अलग पहचान बना ली। अगले साल कंपनी ने सीडी बेचने का भी काम शुरू कर दिया। इसके ठीक एक साल बाद यानी 1999 में कंपनी ने सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम करना शुरू कर दिया। यह मॉडल लोगों को काफी पसंद आया। एक साल में ही कंपनी के 3 लाख सब्सक्राइबर हो गए और कंपनी लगातार एक के बाद एक नई ऊंचाइयां छूने लगी।

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साल दर साल ऐसे बढ़ी कंपनी की लोकप्रियता

2000 : कंपनी ने ऑन डिमांड सर्विस शुरू की इस सर्विस का इस्तेमाल करके यूजर अपने पसंद और डिमांड के अनुसार कंटेट देख सकता था।

2002 : कंपनी ने मई 2002 में अमेरिकी शेयर मार्केट में अपना IPO लॉन्च किया। उस समय कंपनी के एक शेयर की कीमत 1.21 डॉलर (करीब 100 रुपये) थी। आज इसके एक शेयर की कीमत 648.52 डॉलर (करीब 54 हजार रुपये) है।

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2003 : कंपनी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही थी। इस साल कंपनी के 10 लाख सब्सक्राइबर हो गए।

2005 : इस साल कंपनी के पेड यूजर्स की संख्या करीब 42 लाख हो गई थी। इस समय नेटफ्लिक्स रोजाना 10 लाख डीवीडी ग्राहकों को डिलीवर करने लगी।

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2007 : इस साल कंपनी ने बड़ा बदलाव किया और वीडियो स्ट्रीमिंग व वीडियो ऑन डिमांड की सर्विस शुरू की। यह सर्विस लोगों के बीच में तेजी से फेमस हुई।

2016 में भारत में लॉन्च

नेटफ्लिक्स की सर्विस 2016 से चीन, नॉर्थ कोरिया, सीरिया, रूस और क्रीमिया को छोड़कर दुनिया के हर देश में मौजूद है। भारत में भी इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी। पिछले साल दिसंबर में आई एक रिपोर्ट के अनुसार सुजॉय घोष की फिल्म ‘जाने जान’ भारत में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही। इसके बाद शाहरुख खान की फिल्म जवान रही। कंपनी की शुरुआत करीब 25 लाख डॉलर (करीब 20 करोड़ रुपये) से हुई थी। आज कंपनी की वैल्यू करीब 279 बिलियन डॉलर (करीब 23 लाख करोड़ रुपये) है।

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