Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी ब्लैक थर्सडे से कम साबित नहीं हो रहा है. दलाल स्ट्रीट पर आज फिर से बियर्स (Bears) का कब्जा है और बिकवाली का ऐसा तूफान उठा है कि निवेशकों के पोर्टफोलियो के हरे निशान अब गहरे लाल रंग में तब्दील हो रहे हैं. कल की भारी गिरावट के बाद उम्मीद थी कि शायद आज बाजार संभल जाएगा, लेकिन 12 मार्च 2026 की सुबह खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी ने गोता लगा दिया.
वैश्विक स्तर पर बढ़ता युद्ध का तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग और अमेरिका से आई ट्रेड वॉर की आहट ने भारतीय निवेशकों के हौसले पस्त कर दिए हैं. आइए, विस्तार से समझते हैं कि आज बाजार की इस सुनामी के पीछे के असल कारण क्या हैं और क्या अभी और गिरावट आना बाकी है.
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बाजार का ताजा हाल
सेंसेक्स 1.23% गिरकर सुबह 9:20 बजे 75921 के स्तर पर और निफ्टी 1.13% टूटकर 23596 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं India VIX (डर का मीटर) 6% उछलकर 22.32 पर पहुंच गया है, जो बाजार में घबराहट को दिखाता है.
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बाजार गिरने के 3 सबसे बड़े विलेन
कच्चा तेल $100 के पार
मिडिल ईस्ट से डराने वाली खबर आई है. इराक के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की विस्फोटक नावों ने दो तेल टैंकरों पर हमला किया है. इसके चलते कई तेल बंदरगाहों (Oil Ports) ने काम बंद कर दिया है.
इससे कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल हमारी इकोनॉमी के लिए जहर की तरह है. इससे महंगाई बढ़ेगी और कंपनियों का मुनाफा कम होगा.
ट्रंप की ट्रेड वॉर की वापसी?
अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ अनफेयर ट्रेड इन्वेस्टिगेशन (Unfair-trade Investigation) शुरू कर दी है. यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टैरिफ पॉलिसी की वापसी का संकेत है, जहां वे दूसरे देशों से आने वाले सामान पर भारी टैक्स लगा देते हैं. इस खबर ने भारतीय एक्सपोर्टर्स और निवेशकों की नींद उड़ा दी है.
डर का मीटर बढ़ा (India VIX)
जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो इंडिया विक्स (Volatility Index) बढ़ जाता है. आज यह 6% बढ़ गया है. इसका मतलब है कि ट्रेडर्स को डर है कि बाजार अभी और नीचे जा सकता है, इसलिए लोग खरीदारी करने के बजाय हाथ खींच रहे हैं.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मौजूदा स्थिति को देखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच (Wait and Watch) की रणनीति अपनाना ही समझदारी है. युद्ध की खबरें और अमेरिका की नई ट्रेड पॉलिसी बाजार को अभी कुछ और दिनों तक अस्थिर रख सकती हैं.