शेयर बाजार का मिजाज आजकल किसी सस्पेंस फिल्म जैसा हो गया है. कल की शानदार तेजी के बाद आज निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार नई ऊंचाई छुएगा, लेकिन हुआ ठीक उल्टा. शुक्रवार को बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई और सेंसेक्स करीब 700 अंक फिसलकर 79323 के स्तर पर आ गया. वहीं, निफ्टी 200 अंक टूटकर 24,572 पर बंद हुआ.
निवेशकों के लिए आज का दिन काफी भारी रहा, क्योंकि महज कुछ ही घंटों में BSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये कम हो गई.
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आखिर क्यों टूटा बाजार?
मुनाफावसूली
कल बाजार 1% से ज्यादा बढ़ा था. आज सुबह जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपने शेयर बेचना (Profit Booking) शुरू कर दिया. जब बड़े निवेशक एक साथ मुनाफा वसूलते हैं, तो बाजार का गिरना लाजमी है.
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ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल का खौफ
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की बढ़ती आशंका ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग ने भारतीय अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है. तेल महंगा होने का मतलब है, महंगाई बढ़ना और कंपनियों का मुनाफा कम होना.
विदेशी निवेशकों का भागना
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं. वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए विदेशी फंड्स अब सुरक्षित निवेश की तलाश में डॉलर या सोने की ओर रुख कर रहे हैं.
ग्लोबल मार्केट का दबाव
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिलने वाले संकेत भी कुछ खास नहीं रहे. ग्लोबल सेंटिमेंट बिगड़ने की वजह से घरेलू निवेशक भी सहमे हुए हैं और वेट एंड वॉच (Wait and Watch) की स्थिति में हैं.
निवेशकों के लिए अब क्या?
बाजार में आई इस गिरावट से घबराने के बजाय यह देखने का समय है कि आपके पोर्टफोलियो में कौन से शेयर मजबूत हैं. जब तक भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव कम नहीं होता, बाजार में ऐसी वाइल्ड स्विंग्स (Wild Swings) यानी उतार-चढ़ाव जारी रहेंगे. इस समय लम्प-सम (एक साथ भारी निवेश) करने से बचें और अच्छी कंपनियों में गिरावट पर धीरे-धीरे निवेश (SIP) जारी रखें. शेयर बाजार के लिए आज का दिन ब्लैक फ्राइडे जैसा साबित हुआ. लेकिन याद रखें, हर गिरावट में खरीदारी का एक अवसर भी छिपा होता है.