क्या आपने आज का भाव देखा? अगर नहीं, तो संभल जाइए! शुक्रवार का दिन कीमती धातुओं के बाजार के लिए किसी सुनामी से कम नहीं रहा. चांदी की कीमतों ने जो रफ्तार पकड़ी है, उसने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, तो खरीदारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. एक ही झटके में 15580 रुपये की तेजी. जी हां, आपने सही पढ़ा. आइए समझते हैं कि बाजार में आखिर चल क्या रहा है.
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चांदी का तूफानी सफर
शुक्रवार का दिन चांदी के लिए बेहद अस्थिर रहा. दिन के शुरुआती कारोबार में जो चांदी 264,100 के निचले स्तर पर थी, वह दिन खत्म होते-होते 275,249 प्रति किलोग्राम के पार निकल गई। 6 फीसदी की यह बढ़त कोई मामूली उछाल नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संकेत है कि बाजार में कुछ बहुत बड़ा हो रहा है.
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सोना भी पीछे नहीं
चांदी की इस दौड़ में सोना (Gold) भी कहां रुकने वाला था? सोने की चमक भी तेज हो गई है और भाव 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू रहे हैं. बीते कुछ दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए, अब मार्केट में फिर से खरीदारी का दौर लौट आया है.
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प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के आज के भाव:
- दिल्ली: ₹1,61,710
- मुंबई: ₹1,61,580
- कोलकाता: ₹1,61,580
- चेन्नई: ₹1,62,540
- बेंगलुरु: ₹1,61,580
क्यों आई बाजार में यह उथल-पुथल?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को हिला रहे हैं:
US-Iran का तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत का बेनतीजा खत्म होना और युद्ध की आशंका ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया है. जब दुनिया में अनिश्चितता होती है, तो पैसा शेयर बाजार से निकलकर सोने-चांदी में सुरक्षित पनाह लेता है.
नए टैरिफ का असर: अमेरिका के हालिया 15% नए टैरिफ नियमों ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा है.
डॉलर की कमजोरी: अमेरिका में बेरोजगारी की बढ़ती चिंताओं ने डॉलर पर दबाव बनाया है और जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना-चांदी हमेशा चमकते हैं.
अब आगे क्या? निवेशक करें या खरीदार?
आम खरीदार के लिए: अगर आप गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है. कीमतों में इतनी भारी तेजी के बाद जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है. थोड़ा बाजार के ठंडा होने का इंतजार करना ही समझदारी है.
निवेशकों के लिए: जो लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह मुनाफा वसूली का अच्छा मौका हो सकता है. हालांकि, नजरें ओमान में चल रही बातचीत पर बनाए रखें, अगर वहां कोई समाधान नहीं निकलता, तो दाम और ऊपर जा सकते हैं.
फिलहाल बाजार डर और अनिश्चितता के साये में है. चांदी की यह रफ्तार जारी रहेगी या फिर इसमें सुधार आएगा, यह आने वाले कुछ दिनों के राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा.