नई दिल्ली: कॉर्पोरेट जगत से आज एक ऐसी खबर आई जिसने निवेशकों की सोई हुई किस्मत जगा दी। जैसे ही खबर आई कि अडाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) के Rs 15000 करोड़ के टेकओवर प्लान को NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) ने हरी झंडी दे दी है, जेपी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में अपर सर्किट की होड़ लग गई। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली तेजी जयप्रकाश पावर वेंचर्स (Jaypee Power) के शेयरों में देखी गई, जो आज 10% तक उछलकर रॉकेट बन गए।
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अडाणी की एंट्री और वेदांता की छुट्टी
जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण की रेस में अनिल अग्रवाल की वेदांता (Vedanta) भी शामिल थी। वेदांता ने अडाणी की बिड पर कई आपत्तियां जताई थीं, लेकिन NCLT ने उन सभी को खारिज करते हुए गौतम अडाणी के पक्ष में फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद जेपी ग्रुप के एसेट्स (सीमेंट, पावर और रियल एस्टेट) पर अब अदाणी का कब्जा होगा।
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जेपी पावर: 30 हजार के बने 1.5 लाख!
बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा जेपी पावर के रिटर्न की हो रही है। भले ही पिछले कुछ समय में इसमें उतार-चढ़ाव रहा हो, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह मल्टीबैगर साबित हुआ है. इसके 5 साल का रिटर्न लगभग 494% है. यानी अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले इस शेयर में सिर्फ 30000 रुपये लगाए होते, तो आज उन पैसों की वैल्यू बढ़कर 148,200 रुपये (करीब डेढ़ लाख रुपये) हो गई होती। आज सुबह कारोबार के दौरान शेयर ने 15.63 रुपये का हाई बनाया।
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निवेशकों के लिए क्या है खास?
अडाणी ग्रुप की एंट्री का मतलब है, बेहतर मैनेजमेंट और फंड की उपलब्धता। यही वजह है कि निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं। जेपी पावर के साथ-साथ जेपी एसोसिएट्स के शेयरों में भी भारी हलचल देखी जा रही है।
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