सोमवार की सुबह भारी गिरावट के साथ खुलने वाला भारतीय शेयर बाजार दोपहर होते-होते पूरी तरह बदल गया। सुबह जहाँ निवेशकों में डर का माहौल था, वहीं दोपहर 1:25 बजे तक सेंसेक्स (Sensex) 546 अंकों की शानदार बढ़त के साथ 73,866 पर कारोबार करने लगा। निफ्टी (Nifty) भी 155 अंक उछलकर 22,868 के स्तर को पार कर गया।

बाजार में आई इस अचानक रिकवरी के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम (Ceasefire) की उम्मीदें हैं। आइए जानते हैं वे 4 मुख्य कारक जिन्होंने बाजार का मूड बदल दिया:

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अमेरिका-ईरान युद्ध विराम की उम्मीद (Ceasefire Hopes)

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा तैयार किया गया एक शांति प्रस्ताव (Framework) अमेरिका और ईरान दोनों को साझा किया गया है। इस प्रस्ताव में तत्काल युद्ध विराम और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बात कही गई है। इस खबर ने निवेशकों को राहत दी कि वैश्विक तेल सप्लाई फिर से बहाल हो सकती है।

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रुपया हुआ मजबूत (Rupee Rises)
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 33 पैसे मजबूत होकर 92.85 के स्तर पर आ गया। सुबह रुपया 93.13 पर खुला था, लेकिन युद्ध विराम की खबरों के बीच डॉलर की मांग कम हुई और रुपये में सुधार देखने को मिला। मजबूत रुपया हमेशा घरेलू बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत होता है।

बैंकिंग शेयरों में जोरदार लिवाली (Banking Sector Rally)
हालिया गिरावट के बाद बैंकिंग शेयरों के वैल्यूएशन आकर्षक हो गए थे, जिसका फायदा निवेशकों ने उठाया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (4.2%), बैंक ऑफ इंडिया (4.1%) और बैंक ऑफ बड़ौदा (3.5%) के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया। मार्च तिमाही के अपडेट्स में लोन ग्रोथ में सुधार दिख रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

IT शेयरों में खरीदारी
आईटी सेक्टर के शेयरों में भी 1% तक की बढ़त देखी गई। मार्च तिमाही (Q4) के नतीजों से पहले निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रह सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है सबक?
आज के बाजार ने साबित कर दिया कि ग्लोबल खबरें कितनी तेजी से सेंटिमेंट बदल सकती हैं। सुबह की गिरावट में पैनिक सेलिंग करने वालों को नुकसान हुआ, जबकि धैर्य रखने वालों ने रिकवरी का आनंद लिया।