Shankaracharya Praises Gautam Adani at Maha Kumbh: प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। वसंत पचंमी पर आज तीसरा और अंतिम अमृत स्नान जारी है। शाम 5 बजे तक सभी 13 अखाड़ों ने स्नान कर लिया है। संतों का आशीर्वाद लेने के लिए लाखों श्रद्धालु संगम पहुंचे। 30 से ज्यादा देशों के लोग भी अमृत स्नान देखने के लिए संगम पहुंचे। इस बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने उद्योगपति गौतम अडाणी की सराहना की है।
शंकराचार्य ने यह सराहना अडाणी समूह के जनसेवा से जुड़े प्रयासों के लिए की है। जगदगुरु ने आज मीडिया के समक्ष कहा कि जो दान में दिया जाता है, वही सबसे श्रेष्ठ धन है। उन्होंने अडाणी परिवार के कार्यों की तुलना यज्ञ की आहूति से की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के मौके पर अडाणी परिवार ने यहां आकर आमजन की सेवा की है।

जगदगुरु ने क्या कहा?

जगदगुरु ने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि सबसे अच्छा धन वह होता है जो दान में दिया जाता है, अडानी परिवार ने अन्न की आहुति दी, मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत बड़ा यज्ञ किया है। जब हम यज्ञ करते हैं, तो हम देवताओं को आहुति देते हैं। जो लोग (महाकुंभ में श्रद्धालु) यहां हैं, उन्हें भी देवता मानते हैं। भगवान उन्हें (अडानी परिवार) ऐसी क्षमताएं प्रदान करते रहें ताकि वे अच्छे काम करते रहें। मैं बहुत खुश हूं। ये भी पढ़ेंः करोड़ों की भीड़ में खतरे के बाद भी महाकुंभ क्यों जाते हैं लोग? पुरी के शंकराचार्य ने बताई वजह

महाकुंभ में ये काम कर रहा अडाणी ग्रुप

जगदगुरु यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि उनके सेवाकार्यों से श्रद्धालुओं के बीच एक पाॅजिटिव मैसेज जा रहा है। यह महाकुंभ में योगदान देने का एक आदर्श उदाहरण बन गया है। बता दें कि अडाणी ग्रुप इस्काॅन के साथ मिलकर प्रतिदिन 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण कर रहा हैं। यह महाप्रसाद मेला क्षेत्र में स्थित इस्काॅन की 3 रसोईयों में तैयार किया जा रहा है और 40 से भी ज्यादा जगहों पर वितरित किया जा रहा है। यह सेवा महाकुंभ तक जारी रहेगी। ये भी पढ़ेंः Prayagraj Maha Kumbh में तीसरा पवित्र स्नान जारी, पहले नागा साधु, फिर अखाड़ों ने बसंत पंचमी पर लगाई डुबकी