शंकराचार्य ने यह सराहना अडाणी समूह के जनसेवा से जुड़े प्रयासों के लिए की है। जगदगुरु ने आज मीडिया के समक्ष कहा कि जो दान में दिया जाता है, वही सबसे श्रेष्ठ धन है। उन्होंने अडाणी परिवार के कार्यों की तुलना यज्ञ की आहूति से की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के मौके पर अडाणी परिवार ने यहां आकर आमजन की सेवा की है।