घरेलू शेयर बाजार के लिए आज का कारोबारी दिन बेहद अमंगल साबित हो रहा है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों ही औंधे मुंह गिर पड़े। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते (Peace Deal) को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह झकझोर दिया है, जिसके चलते बाजार में चौतरफा गिरावट हावी है।

सुबह करीब 9:30 बजे, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 796.56 अंक या 1.07 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 73,853.28 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का व्यापक सूचकांक निफ्टी भी 214.95 अंक या 0.92 प्रतिशत टूटकर 23,268.60 के स्तर पर आ गया, जो देखते ही देखते 23,250 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे खिसक गया।

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बाजार में आई इस सुनामी के मुख्य कारण (Key Factors):

अमेरिका-ईरान में बढ़ता सैन्य तनाव (US-Iran Conflict)
खाड़ी देशों में अचानक से सैन्य गतिविधियां और दुश्मनी फिर से बढ़ गई है। अमेरिकी सेना के आधिकारिक बयान के मुताबिक, बहरीन, कुवैत और अन्य क्षेत्रीय ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों को या तो नाकाम कर दिया गया है या वे असफल रहे हैं। दूसरी तरफ, वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत में कोई खास प्रगति न होने से निवेशक भारी जोखिम लेने से बच रहे हैं (Risk-Averse)।

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कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग
भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें 1 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल के साथ $97 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं, जिसने भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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डर का मीटर (India VIX) 8% उछला
बाजार में अनिश्चितता और घबराहट कितनी ज्यादा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वोलैटिलिटी इंडेक्स (Volatility Index) या 'फियर गेज' (India VIX) करीब 8 प्रतिशत की तेजी के साथ 16.57 के स्तर पर पहुंच गया है। यह इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव और गहरा सकता है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली (Foreign Outflows) भी बाजार पर भारी दबाव बना रही है।

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