टेक जगत से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग (Samsung) ने अमेरिका में एक बड़ी छंटनी (Layoff) कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अमेरिका में अपने अलग-अलग ऑफिसों से करीब 800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है.
अगर आप सोच रहे हैं कि यह छंटनी कंपनी में किसी मंदी की वजह से हुई है, तो आप गलत हैं. दरअसल, सैमसंग ने यह सख्त कदम अपने अमेरिकी मुख्यालय (US Headquarters) को शिफ्ट करने की वजह से उठाया है. आइए, समझते हैं कि सैमसंग के इस बड़े फैसले के पीछे की असली वजह क्या है और इसका कर्मचारियों पर क्या असर पड़ा है.
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क्यों लिया सैमसंग ने छंटनी का फैसला?
सैमसंग इस समय अपने बिजनेस मॉडल में कई बड़े बदलाव कर रही है. कंपनी ने साफ किया है कि यह पूरी कंपनी में काम बंद करने वाली छंटनी नहीं है, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है. सैमसंग अपने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस के अमेरिकी हेडक्वार्टर को न्यू जर्सी से हटाकर टेक्सास के प्लेनो (Plano) शहर में शिफ्ट कर रही है. कंपनी का मानना है कि सभी टीमों के एक जगह आने से काम में बेहतर तालमेल बैठेगा और फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे.
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एक तरफ जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से सैमसंग का सेमीकंडक्टर (चिप) बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मोबाइल, टीवी और होम अप्लायंसेज जैसे बिजनेस पर लागत बढ़ती जा रही है. साथ ही बाजार में ऐपल (Apple) और चीनी कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर के कारण सैमसंग पर खर्च कम करने का भारी दबाव है.
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किन कर्मचारियों पर गिरी है गाज?
सैमसंग के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर कंपनी के मोबाइल, डिस्प्ले और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिपार्टमेंट में काम करने वाले लोगों पर पड़ा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यू जर्सी ऑफिस के करीब 739 पदों पर इस शिफ्टिंग का सीधा असर पड़ा है. इसके अलावा टेक्सास के प्लेनो ऑफिस में भी लगभग 100 कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है.
कंपनी का कहना है कि जिन कर्मचारियों का रोल नई व्यवस्था के लिए जरूरी है, उन्हें टेक्सास शिफ्ट होने का ऑफर दिया गया है. लेकिन जिन कर्मचारियों के लिए नई जगह जाना मुमकिन नहीं था या जिनके पद अब खत्म हो चुके हैं, उन्हें मजबूरन कंपनी छोड़नी पड़ रही है.
देखा जाए तो टेक इंडस्ट्री में छंटनी का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. सैमसंग से पहले माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां भी खर्च कम करने के लिए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं. अब इस लिस्ट में सैमसंग का नाम भी जुड़ गया है.