आज का दिन भारतीय करेंसी के लिए काफी भारी साबित हो रहा है। सोमवार सुबह रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 69 पैसे टूटकर ₹95.17 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। यह पहली बार है जब रुपया 95 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।

क्यों गिर रहा है रुपया?

कच्चे तेल की कीमतों में आग: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 4.17% उछलकर $105.5 प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। भारत को तेल खरीदने के लिए अब ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं।

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ट्रम्प का कड़ा रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया है। इससे युद्ध की आशंका और बढ़ गई है, जिससे निवेशक घबराए हुए हैं।

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मजबूत होता डॉलर: दुनिया भर में अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित ठिकाने के रूप में डॉलर में निवेश कर रहे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स 98.12 पर पहुंच गया है।

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शेयर बाजार में कोहराम: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक (FPI) अपना पैसा निकाल रहे हैं। आज सुबह सेंसेक्स 1,000 अंक और निफ्टी करीब 300 अंक लुढ़क गया, जिसका सीधा दबाव रुपये पर दिखा।

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बाजार विशेषज्ञों की राय
व‍िशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध जारी रहने और ट्रम्प के बयान के बाद तेल महंगा हुआ है और जोखिम वाली संपत्तियों (शेयर्स) में गिरावट आई है। हालांकि, पिछले शुक्रवार को आरबीआई (RBI) ने रुपये को संभालने की कोशिश की थी, लेकिन आज वैश्विक दबाव बहुत ज्यादा है।

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इसका आप पर क्या असर होगा?
अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको डॉलर के लिए ज्यादा रुपये देने होंगे। कच्चा तेल महंगा होने और रुपये के कमजोर होने से पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ आयात होने वाली अन्य चीजें (इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य तेल) भी महंगी हो सकती हैं। बता दें क‍ि विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि वैश्विक तनाव कम होने तक करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।